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कर्नाटक : उच्च न्यायालय ने पुलिस निरीक्षक की सजा और जुर्माना रद्द किया

- एकल खंडपीठ ने रामकृष्ण की याचिका पर फैसला सुनाया

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कर्नाटक : उच्च न्यायालय ने पुलिस निरीक्षक की सजा और जुर्माना रद्द किया

उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में लोकायुक्त विशेष न्यायालय द्वारा पुलिस निरीक्षक बी.रामकृष्णा को दी गई चार साल की सजा और एक लाख रुपए के जर्माने को रद्द कर दिया।

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के. नटराजन नेतृत्व वाली एकल खंडपीठ ने रामकृष्ण की याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि विशेष न्यायालय ने लोकायुक्त पुलिस के आरोप पत्र पर आंखें बंद कर फैसला सुनाया है। पेश किए गए सबूतों के आधार पर रामकृष्णा को सजा नहीं दी जा सकती। रामकृष्णा की पत्नी भी कारोबार करती है और अपनी आय के लिए अलग कर भुगतान कर रही है। इस कारोबार से प्राप्त आय को रामकृष्णा की अवैध संपत्ति बताकर आरोपपत्र दाखिल किया गया। रामकृष्णा की तनख्वाह और उनकी पत्नी को प्राप्त लाभ का गलत तरीके से हिसाब लगाया गया। इसलिए रामकृष्णा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज नहीं हो सकता।

रामकृष्णा की साल 2008 में महालक्ष्मी लेआउट थाने में पुलिस निरीक्षक के पद पर तैनाती के समय लोकायुक्त ने छापा मारा था और अवैध संपत्ति रखने का आरोप लगाया था। लोकायुक्त विशेष न्यायालय ने 2019 में रामकृष्णा को सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने इस मामले पर स्थगन आदेश जारी किया था।