16 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मन के बाजार में विचारों की दुकानें

जहां पुण्य व पाप का माल बिक रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification
jainism

मन के बाजार में विचारों की दुकानें

मैसूरु. अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशानुसार शुक्रवार को मैसूरु महिला मंडल के तत्वावधान में चित्त समाधि शिविर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

साध्वी लब्धिश्री ने कहा कि इच्छा, पदार्थ और उपभोग तीनों का संयम करें। मन के बाजार में विचारों की दुकानें खुली हुई हैं। जहां पुण्य व पाप का माल बिक रहा है।

जब तक मन रूपी दुकान के विचार रूपी शटर नहीं गिरेंगे तब तक समाधि का लगना असंभव नहीं है। मन विचारों का विश्वविद्यालय है। उन्होंने कहा कि थोड़ा सम्मान मिला पागल हो गए, थोड़ा साधन मिला बेकाबू हो गए, थोड़ा सा यश मिला दुनिया पर हंसने लगे।

थोड़ा रूप मिला, दर्पण ही तोड़ डाला, थोड़ा सा अधिकार मिला, दूसरों को तबाह करने लगे। किसी भी चीज का अहं न करें। विलासिता को छोडऩे का कम करने का प्रयत्न करें।

----

तप आराधना कल से
बेंगलूरु. सिद्धाचल स्थूलभद्र धाम में आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर के सान्निध्य में सोमवार से उपधान तप की आराधना शुरू होगी। यह 21 नवम्बर तक चलेगी। इसके लिए श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है।