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जारकीहोली बंधुओं ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किल

नाराज बेलगावी जिले के यमकनमरडी क्षेत्र के विधायक सतीश जारकीहोली दिल्ली में डेरा डाल कर आलाकमान पर दबाव बना रहे हैं

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जारकीहोली बंधुओं ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किल

बेंगलूरु. सत्तारुढ़ कांग्रेस की मुश्किल बेलगावी जिले से आने वाले प्रभावी जारकीहोली बंधुओं के कारण बढ़ गई है। इनमें से एक भाई अभी एच डी कुमारस्वामी सरकार में मंत्री हैं तो दूसरे भाई मंत्री बनने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।

दोनों भाइयों के अपने-अपने समर्थक विधायकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करने के कारण कांग्रेस की मुश्किल बढ़ गई है। शहरी निकाय मंत्री रमेश जारकरीहोली मंगलवार को अपने समर्थक 13 विधायकों के साथ राजस्थान के प्रसिद्ध दरगाह पर जियारत करने चले गए तो अब उनके भाई और पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली अपने समर्थकों के साथ उत्तर-पूर्व के एक राज्य का दौरा करने की तैयारी कर रहे हैं।

मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने से नाराज बेलगावी जिले के यमकनमरडी क्षेत्र के विधायक सतीश जारकीहोली दिल्ली में डेरा डाल कर आलाकमान पर दबाव बना रहे हैं। 7 जून को उनके समर्थकों ने इसी मुद्दे को लेकर बेलगावी में कांग्रेस के जिला कार्यालय में घुसकर तोड़-फोड़ की थी। मानव बंधुत्व वेदिके संगठन के बैनर तले फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन किए थे।

मंत्री नहीं बनने से नाराज सतीश ने राष्ट्रीय सचिव पद से भी त्यागपत्र दिया था। सतीश चाहते हैं कि उनके भाई रमेश को मंत्रिमंडल से हटाकर उन्हें शामिल किया जाएगा और बेलगावी जिले का प्रभारी मंत्री भी बनाया जाए। सतीश के समर्थकों का दावा है कि उनको को मंत्रिमंडल से बाहर कराने में जल संसाधन मंत्री डी.के. शिवकुमार का हाथ है। नाराज सतीश जारकीहोली को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की पेश की गई थी लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था।

बेलगावी जिले की राजनीति के सबसे प्रभावशाली जारकीहोली परिवार के पांच में से तीन भाई विधायक हैं। इन में से दो कांग्रेस में तथा एक भाजपा में है। रमेश तथा सतीश के कांग्रेस में होने के बावजूद दोनों एक-दूसरे के विपरीत ही चलते हैं। इन दो भाइयों की संघर्ष की राजनीति के चलते कई बार उनके समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हो चुकी है।

सतीश पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के समर्थक माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव में बादामी क्षेत्र के चुनाव में श्रीरामुलू की चुनौती से निपटने के लिए सिद्धरामय्या ने सतीश की ही मदद ली थी। राज्य मंत्रिमंडल में अभी 7 पद रिक्त हैं जिनमें से छह कांग्रेस के कोटे की हैं। अगले महीने मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना है।