
कर्नाटक की गठबंधन सरकार को झटका, पहला विकेट गिरा
बेंगलूरु. राज्य में करीब साढ़े चार महीने पुरानी गठबंधन सरकार को पहला राजनीतिक झटका लगा है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) राज्य में जद-एस और कांग्रेस गठबंधन सरकार से बाहर हो गई है। बसपा के इकलौते मंत्री एन. महेश ने गुरुवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।
बसपा एच डी कुमारस्वामी वाले कांग्रेस और जद-एस गठबंधन सरकार में भागीदार थी।
पहली बार विधानसभा के लिए निर्वाचित महेश राज्य में बसपा के एकमात्र विधायक हैं। जद-एस और बसपा के बीच राज्य में चुनाव पूर्व गठबंधन था और जद-एस के कोटे से ही महेश गठबंधन सरकार में मंत्री बने थे। महेश को प्राथमिक व शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। महेश चामराजनगर के कोळेगल से विधानसभा चुनाव में जीते थे। इसके साथ ही राज्य में बसपा का खाता 25 साल बाद खुला था। 23 मई को कुमारस्वामी के सत्ता संभालने के बाद किसी मंत्री का यह पहला इस्तीफा है।
लखनऊ से आया इस्तीफे का निर्देश!
सूत्रों के मुताबिक महेश को मंत्री पद से इस्तीफा देने का निर्देश दोपहर में ही लखनऊ मिल गया था। बसपा के राष्ट्रीय महागठबंधन से बाहर होने के बाद पिछले सप्ताह ही महेश ने कहा था कि अगर बसपा प्रमुख मायावती उन्हें पद छोडऩे के लिए कहेंगी तो वे इस्तीफा दे देंगे। बताया जाता है कि कांग्रेस से नाराज होने के कारण मायावती ने महेश को पद छोडऩे के लिए कहा था।
उत्तर प्रदेश के बाहर किसी राज्य में महेश बसपा के पहले मंत्री थे। कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में मायावती भी मौजूद रही थीं। महेश ने बाकी 25 मंत्रियों के साथ 6 जून को शपथ शपथ ली थी। इससे पहले लगातार तीन बार चुनावी जंग में पराजित होने के बाद महेश इस बार जीते थे।
जद-एस को समर्थन, कांग्रेस का जिक्र नहीं
कुमारस्वामी को इस्तीफा सौंपने के बाद महेश ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों से मंत्री पद छोडऩे का निर्णय लिया है। हालांकि, गठबंधन सरकार को उनका समर्थन जारी रहेगा। सेवानिवृत शिक्षक से विधायक बने महेश ने कहा कि अपने चुनाव क्षेत्र में ज्यादा वक्त देने के लिए इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
महेश ने कहा कि पिछले कुछ समय से कोळेगल विधानसभा क्षेत्र में दुष्प्रचार किया जा रहा है कि मैं अब क्षेत्र के बजाय बेंगलूरु में ज्यादा रहता हूं। महेश ने कहा कि इसके अलावा राज्य में पार्टी को लोकसभा चुनाव के लिए तैयार करने की भी आवश्यकता है। महेश ने कहा कि कुमारस्वामी सरकार को समर्थन जारी रखने की बात दुहराते हुए कहा कि वे 3 नवम्बर को होने वाले लोकसभा और विधानसभा उपचनुावों में भी जद-एस के लिए प्रचार करेंगे। हालांकि, महेश ने कांग्रेस का जिक्र नहीं किया। महेश ने जद-एस और कुमारस्वामी को ही समर्थन देने की बात कही।

Published on:
12 Oct 2018 06:55 pm
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