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दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक गुरुओं में से एक थे पेजावर मठ प्रमुख

पेजावर मठ उडुपी के आठ मठों में से एक माना जाता है, जहां विश्वेश तीर्थ स्वामी इस मठ के 32वें मंहत थे।

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दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक गुरुओं में से एक थे पेजावर मठ प्रमुख

दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक गुरुओं में से एक थे पेजावर मठ प्रमुख

बेंगलूरु. कर्नाटक के पेजावर मठ के प्रमुख विश्वेश तीर्थस्वामी बेहद लोकप्रिय और प्रतिष्ठित धर्मगुरुओं में से एक थे। रविवार को उनका उडुपी में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उडुपी के आठ मठों में से पेजावर मठ एक माना जाता है, जहां विश्वेश तीर्थ स्वामी इस मठ के 32वें मंहत थे। दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक गुरुओं में से एक माना जाता है।

विश्वेश तीर्थ स्वामी का जन्म 27 अप्रैल 1931 को कर्नाटक के रामाकुंज में एक ब्राह्मण परिवार के घर में हुआ था। जहां उन्होनें मात्र आठ साल की उम्र में अपने घर को त्याग दिए थे। माता- पिता ने इनका नाम वेंकटरामा रखा था, संन्यास लेने के बाद इनका नाम विश्वेश तीर्थ स्वामी के रूप में पहचान बन गई।

घर त्याग करने के बाद उन्होनें श्री भंडारकेरी मठ और पलिमारु मठ के गुरु श्री विद्यामान्या तीर्थ से शिक्षा हासिल की थी। ऐसा माना जाता है कि स्वामी जी बचपन से ही कृष्ण की भक्ति करते थे और इसी भक्ति से लोगों के मन को मोह लिया।

धीरे- धीरे स्वामी जी ने कई सामाजिक संस्थाओं की नींव रखी। साथ ही कई शैक्षणिक और सामाजिक संस्थानों की स्थापना की गई। इसके अलावा गरीब बच्चों की शिक्षा में मदद करने के लिए अखिल भारतीय मध्व महामंडल (एबीएमएएम) का निर्माण किया। स्वामी जी ने भारत में कई धार्मिक स्थलों पर ऐसे कई मठों का निर्माण किया है, जहां दर्शन करने आए तीर्थ यात्रियों की सेवा की जाती है।