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केएसआरटीसी कर्मचारी महासंघ का बेमियादी धरना शुरू

आठ सूत्रीय हैं मांगें, बस सेवा रहेगी यथावत

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केएसआरटीसी कर्मचारी महासंघ का बेमियादी धरना शुरू

बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम कर्मचारी महासंघ (इंटक) ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर निगम मुख्यालय के बाहर सोमवार से अनिश्चिकालीन धरना शुरू किया। धरने में महासंघ के अनेक पदाधिकारी शामिल हुए। धरने से हालांकि बस सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

महासंघ के मानद अध्यक्ष एस.टी. सोमशेखर व कार्याध्यक्ष एस. एस. रामन्ना ने बताया कि प्रदेश के चारों निगमों में श्रमिक संगठन का गठन कर उसे मतदान का अधिकार देना, वेतन-भत्तों में वृद्धि, कर्मचारियों को दस हजार रुपए चिकित्सा भत्ता देना, कर्मचारियों को पेंशन की सुविधा देना, एनआइएनसी मामलों में चालक कम कंडक्टर को सजा नहीं देना, 15 साल से काम कर रहे कर्मचारियों को पदोन्नत करना, प्रशिक्षण के आने वाले प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण काल 6 माह से घटाकर 2 माह करने की मांग की गई है। इसके बाद प्रशिक्षुओं को नौकरी पर रखने तथा कर्मचारी को मांग के अनुसार उसकी मनचाहे स्थान पर तबादला करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।

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चित्रदुर्गा में मंत्री को झेलनी पड़ी नाराजगी
बेंगलूरु. अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस कार्यक्रम में भाग लेने गए श्रम मंत्री वेंकटरमण्णप्पा को वरिष्ठ नागरिकों ने चित्रदुर्गा में उस वक्त आड़े हाथों लिया जब मंत्री कार्यक्रम समाप्त होने से पहले ही मंच से उठकर रवाना होने लगे। तरासु रंगमंदिर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे मंत्री जब कार्यक्रम पूरा होने से पहले ही निकलने लगे तो वरिष्ठ नागरिकों ने मंत्री के इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति करते हुए कहा कि आप जब कार्यक्रम में विलंब से आए तो हम लोगों ने आपका इंतजार किया लेकिन अब आपका पहले ही जाना कहां तक उचित है।

आपने पिछले साल भी ऐसा ही किया था। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि यदि आप को जाना ही तो हम लोग कार्यक्रम का बहिष्कार करके बाहर चले जाते हैं। लोगों के आक्रोश को देख वेंकटरमणप्पा सकपका गए और कार्यक्रम पूरा होने के बाद ही वहां से निकले।