
बेंगलूरु. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली राज्य की कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और गिरती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर निशाना साधने के एक दिन बाद ही राज्यपाल वजूभाई वाळा ने सोमवार को विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और भ्रष्टाचार से लडऩे के लिए राज्य सरकार की सराहना की। परंपराओं के मुताबिक विधानमंडल के साल के पहले अधिवेशन की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है। मौजूदा विधानसभा का यह आखिरी अधिवेशन है और सरकार ने अभिभाषण के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाने के साथ ही विपक्ष के आरोपों को भी खारिज करने की कोशिश की।
हिंदी में पढ़े अभिभाषण में वाळा ने कानून-व्यवस्था व भ्रष्टाचार के मोर्चे पर सरकार के प्रयासों की सराहना की बल्कि गरीबों के विकास और कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई। वाळा ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है और सांप्रदायिक हिंसा से भी सख्ती से निपट रही है। मोदी ने रविवार को अपने भाषण में भ्रष्टाचार को लेकर कहा था कि राज्य में १० फीसदी वाली सरकार चल रही है जहां रिश्वत के बिना काम नहीं होता। साथ ही लचर कानून-व्यवस्था (ईज ऑफ डूइंग मर्डर) का आरोप लगाते हुए मोदी ने भाजपा और संघ परिवार के कार्यकर्ताओं पर हमले और हत्या को लेकर सरकार को घेरा था।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार सार्वजनिक सेवाओं में भी भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकसेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और दक्षता बढ़ाने के लिए ई-शासन की दिशा में कई कार्यक्रम शुरु किए गए हैं। वाळा ने कहा कि एसीबी ने ४०४ मामले दर्ज किए जिसमें से २७८ में सरकारी कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ा गया जबकि ६५ छापे और ६१ अन्य कार्रवाईयां हुई। एसीबी ने सरकार से १०६ मामलों में अभियोजन की अनुमति मांगी थी और इसमें ७२ मामलों में स्वीकृति मिल चुकी है। राज्यपाल ने कहा कि आर्थिक विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए पिछले पांच साल के दौरान उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य के जल अधिकारों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्धता जताते हुए राज्यपाल ने कहा कि कावेरी, कृष्णा नदी से अपने हिस्से का पानी प्राप्त कर राज्य को न्याय दिलाने व महादयी नदी के पानी में न्यायसम्मत हिस्सा पाने के लिए भी सरकार निरंतर प्रयास करती रहेगी। सरकार ने पुलिस को पेशवर, आधुनिक बनाने के साथ ही पुलिस कल्याण के लिए भी कई प्रयास किए हैं। 760 पुलिस थानों को नागरिक अनुकूल बनाने के साथ ही 84 नए थानों की स्थापना की गई और गश्ती व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है। पुलिस विभाग में 29 हजार 684 सिपाहियों व उपनिरीक्षकों की सीधी भर्ती की गई है।
Published on:
06 Feb 2018 07:40 pm
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