
मानूसन की मेहरबानी
बेंगलूरु. मानसून अच्छा रहने से इस साल राज्य के लगभग दो-तिहाई हिस्सों में औसत से अधिक बारिश हुई है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 30 जिलों में से 21 जिलों (लगभग 70 फीसदी) में मानसून के दौरान औसत से अधिक बारिश हो चुकी है। पिछले 1 जून से 15 जुलाई तक मलनाडु एवं तटीय कर्नाटक के सात जिलों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है।
राजस्व विभाग के अधीन आपदा प्रबंधन टीम के अधिकारियों के अनुसार हासन जिले में सामान्य से 78 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है जबकि कोडुगू, चिकमगलूरु, शिवमोग्गा और उत्तर कन्नड़ जिले में भी काफी बारिश हुई है। इससे क्षेत्र के सभी जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं।
वहीं, दक्षिण अंदरुनी कर्नाटक, मैसूरु और चित्रदुर्गा में भी मानसून खूब सक्रिय रहा है। लेकिन, राज्य के कुछ जिलों की स्थिति अलग है। उत्तर अंदरूनी कर्नाटक के कई जिलों में औसत से कम बारिश हुई है। यहां अभी तक औसत से 9 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। कुछ जिले जैसे रायचूर और गदग अभी भी अल्पवृष्टि वाले जिले हैं। यहां बारिश कम हुई है लेकिन मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन जिलों में भी अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। रोचक बात यह है कि बेंगलूरु में भी 6 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि, अधिकारियों का मानना है कि बेंगलूरु शहर भी आने वाले दिनों में औसत से अधिक बारिश दर्ज करेगा। यहां अगस्त और सितम्बर महीने में अधिक वर्षा दर्ज की जाती है।
भारी बारिश की चेतावनी
इस बीच मौसम विभाग ने तटीय और दक्षिण अंदरुनी कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यहां अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अंदरुनी कर्नाटक में काफी सक्रिय है। भागमंडल और कोडुगू में क्रमश: 14 सेमी और 13 सेमी बारिश दर्ज की गई है।
इस बीच महाराष्ट्र में कृष्णा नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश के बाद अलमत्ती बांध में जल प्रवाह काफी तेजी से बढ़ा है। इससे ब्रिटिश काल में निर्मित कुडची-उगरा पुल जो महाराष्ट्र और कर्नाटक को जोड़ती है डूब गई है। यहां पानी पुल के ऊपर बह रहा है और वाहनों का परिचालन ठप हो चुका है।
बेलगावी जिले में कोयना जलाशय से बड़े पैमाने पर पानी छोड़े जाने के बाद कई नदियां उफन रही हैं और चिक्कोड़ी सब-डिविजन के कई पुल डूब गए हैं। वहीं दक्षिण कन्नड़, उत्तर कन्नड़, उडुपी, तटीय कर्नाटक, चिकमगलूरु, हासन, कोडुगू, शिवमोग्गा और दक्षिणी अंदरुनी कर्नाटक में भी अगले पांच दिनों तक भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।
कावेरी के बांधों की पूजा करेंगे मुख्यमंत्री
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री एच.डी.कुमारस्वामी 19 तथा 20 जुलाई को कावेरी जलबहाव क्षेत्र का दौरा कर लबालब कृष्णराज सागर (केआरएस), कबिनी, हारंगी तथा हेमावती बांधों की पूजा करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक 19 जुलाई को मुख्यमंत्री कोडुगू जिले के हारंगी बांध की पूजा करेंगे। साथ में जिले में बारिश से क्षतिग्रस्त मकान और फसलों के लिए जिला प्रशासन के माध्यम से मुआवजे का वितरण करेंगे।
कोडुगू : बालक के गांव में रात्रि विश्राम
मुख्यमंत्री कोडुगू जिले के उस विद्यार्थी के साथ भी संवाद करेंगे, जिसने सोशल मीडिया पर वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री से बारिश की समस्या से संघर्ष कर रहे कोडुगू जिले का दौरा करने की अपील की थी। यह विडियो संदेश वायरल हो गया था। मुख्यमंत्री उसी बालक के गांव में ही रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन 20 जुलाई को सुबह 5.30 बजे भागमंडल के मंदिर में आयोजित विशेष पूजा में भाग लेंगे। उसके पश्चात सीएम कावेरी नदी की उद्गम स्थली तलकावेरी में विशेष पूजा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री मैसूरु पहुंचकर चामुंडेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे। दोपहर को मुख्यमंत्री कबिनी बांध और शाम को मण्ड्या जिले के कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध की पूजा करेंगे। मण्ड्या में जद (एस) की जिला इकाई के कार्यक्रम में भाग लेने के पश्चात सीएम बेंगलूरु लौटेंगे।
Published on:
19 Jul 2018 01:00 am
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