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आतिशबाजी से मैजेस्टिक क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण

इस बार कम चले पटाखे फिर भी राष्ट्रीय मानदंड से 100 प्रतिशत अधिक प्रदूषण

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आतिशबाजी से मैजेस्टिक क्षेत्र में सबसे अधिक प्रदूषण

बेंगलूरु. दीपावली पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक शहर के रेलवे स्टेशन का परिसर तथा जयनगर क्षेत्र सबसे अधिक प्रदूषित पाया गया।

कर्नाटक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केपीसीबी) के मुताबिक गत वर्ष की तुलना में इस बार दीपावली पर कम प्रदूषण रिकार्ड किया गया है।

बोर्ड के अध्यक्ष लक्ष्मण के मुताबिक मैजेस्टिक क्षेत्र में 134 माइक्रोग्राम,जयनगर क्षेत्र में 98, मैसूरु रोड के ब्याटरायनपुरा क्षेत्र में 88, हेब्बाल क्षेत्र में 77, बसवेश्वनगर में 67, सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन क्षेत्र में 60, लक्कसंद्रा क्षेत्र में 53 माइक्रोग्राम प्रदूषण रिकार्ड किया गया है।

गत वर्ष मैजेस्टिक क्षेत्र तथा इंदिरा गांधी चिल्ड्रन अस्पताल के परिसर में 200 माइक्रॉन प्रदूषण हुआ था। इसके अलावा डोमलूरु क्षेत्र में 103, आइपीटीएल क्षेत्र में 86 तो के.आर.चौराहा क्षेत्र में 70 माइक्रॉन प्रदूषण था।

इस वर्ष गत की वर्ष की तुलना में शहर के पीनिया औद्योगिक क्षेत्र, यशवंतपुर तथा आइटीपीएल क्षेत्रों में कम प्रदूषण हुआ है।

विभन्न क्षेत्रों में लोगों ने शीर्ष अदालत के आदेश की परवाह नहीं करते हुए शाम को 5 बजे से ही पटाखे फोडऩे शुरू कर दिए थे। पिछले 4 दिन से यह सिलसिला जारी है।