
नई व्यवस्था : वरतुर झील में कचरा, मलबा फेंकने वालों को रोकेंगे मार्शल
बेंगलूरु. प्रदूषण की मार झेल रही वरतुर झील में कचरा फेंकने वालों की धरपकड़ और झील को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए अब मार्शल तैनात किए जाएंगे।
सैन्य बलों के सेवानिवृत्त जवानों को मार्शल के रूप में झील की निगरानी के लिए तैनात किया जाएगा।
बेंगलूरु विकास प्राधिकरण (बीडीए) के आयुक्त राकेश सिंह ने कहा कि हमने बीबीएमपी आयुक्त को वरतुर झील की सुरक्षा के लिए मार्शलों की तैनाती करने का अनुरोध भेजा है।
बीबीएमपी ने मार्शलों की तैनाती पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है लेकिन इसमें कुछ दिनों का समय लगने की
संभावना है।
इसी वर्ष मार्च में बीबीएमपी ने बेलंदूर झील की सुरक्षा के लिए मार्शलों की तैनाती की थी। सैन्य बलों के सेवानिवृत्त जवानों को मार्शल के रूप में तैनात करने से झील की सुरक्षा ज्यादा बेहतर और व्यापक होने लगी है।
मौजूदा समय में करीब 24 मार्शलों द्वारा तीन शिफ्टों में चरणबद्ध तरीके से चौबीसों घंटे झील की निगरानी की जाती है।
960 एकड़ की यह झील करीब 27 किलोमीटर क्षेत्र में फैली है। इसी प्रकार वरतुर झील भी शहर की सबसे बड़ी झीलों में एक है।
बीबीएमपी आयुक्त एन. मंजुनाथ प्रसाद ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए हैं और एक सप्ताह में करीब 10 मार्शल प्रहरी वाहन के साथ झील की निगरानी के लिए तैनात कर दिए जाएंगे।
445 एकड़ में फैली वरतुर झील पिछले कुछ वर्षों से प्रदूषण, जहरीले झाग और अन्य प्रकार की नकारात्मक खबरों के कारण सुर्खियों में रही है।
झील में बड़े स्तर पर सीवेज मिलता है जबकि कई लोग अवैध तरीके से कचरा और निर्माण मलबा भी झील क्षेत्र में फेक जाते हैं।
बीडीए को उम्मीद है कि मार्शलों की तैनाती से वरतुर झील को प्रदूषण मुक्त करने में सफलता मिलेगी।

Published on:
04 Nov 2018 06:56 pm
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