
-दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही होगी सुनिश्चित
-बेंगलूरु को मिला पहला केंद्र
बेंगलूरु. अब वाहनों के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र लेना आसान होगा। भ्रष्टाचार कम होगा और फिटनेस प्रमाणन (एफसी) प्रक्रिया में एजेंटों और बिचौलियों की भागीदारी कम होगी।
परिवहन विभाग ने नेलमंगला में बेंगलूरु Bengaluru का पहला स्वचालित परीक्षण स्टेशन automated vehicle fitness certificate (एटीएस) शुरू किया है। इसे राज्य में वाहनों की सड़क पर चलने की योग्यता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। ये स्टेशन आरटीओ में पुराने मैनुअल निरीक्षणों की जगह एक अधिक कुशल प्रणाली लाएंगे।एक अधिकारी ने बताया कि इन केंद्रों पर लाए गए वाहनों का स्वचालित परीक्षण होगा और सिस्टम सीधे पास या फेल होने का प्रमाण पत्र जारी करेगा। स्वचालन से व्यक्तिपरकता और मानवीय त्रुटियों की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। अधिक दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
स्वचालित मशीनें सभी जांच करेंगी। परिणाम निष्पक्ष होंगे। दृश्य और तकनीकी जांचों का विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। अंतिम रिपोर्ट संकलित होने तक परिणाम रोके जाते हैं। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए द्विवार्षिक ऑडिट होंगे।देवनहल्ली, तुमकूरु, कोलार, शिवमोग्गा, दावणगेरे, बेलगावी, गदग, बागलकोट, विजयपुर, बल्लारी, बीदर और यादगीर में डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण मॉडल के आधार पर 13 अतिरिक्त स्थानों पर एटीएस स्थापित करने की योजना है।
इसके अलावा, बिल्ड-ओन-ऑपरेट मॉडल पर आधारित स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र 19 अन्य स्थानों पर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मध्य बेंगलूरु, चिकबल्लापुर, रामनगर, मण्ड्या, चामराजनगर, हासन, मडिकेरी, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, चित्रदुर्ग, चिकमगलूरु, उत्तर कन्नड़, कलबुर्गी, रायचूर, कोप्पल और होसपेटे शामिल हैं।
Published on:
29 Nov 2024 01:02 pm
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