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पहले अतिरिक्त शिक्षक होंगे स्थानांतरित : महेश

शिक्षा विभाग ने सुनिश्चित किया है कि शिक्षकों के स्थानान्तरण से पढ़ाई और विद्यालयों को संचालन बाधित न हो
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n mahesh

पहले अतिरिक्त शिक्षक होंगे स्थानांतरित : महेश

मैसूरु. शिक्षकों के अनिवार्य स्थानांतरण से पहले प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अतिरिक्त शिक्षकों को स्थानांतरित किया जाएगा।
प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा मंत्री एन. महेश ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि ग्रामीण विद्यालयों के शिक्षकों को शहरी और शहरी विद्यालयों के शिक्षकों को ग्रामीण विद्यालयों में भेजा जाएगा। शहर पंचायत से लेकर बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका के स्कूलों के शिक्षकों को इसके अंतर्गत लाया गया है। शिक्षा विभाग ने सुनिश्चित किया है कि शिक्षकों के स्थानान्तरण से पढ़ाई और विद्यालयों को संचालन बाधित न हो।

केंद्र से 200 करोड़ रुपए की उम्मीद
महेश ने कहा कि स्कूल भवनों के पुन:निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए आवंटित 400 करोड़ रुपए में से शिक्षा विभाग ने 150 करोड़ रुपए जारी किए हैं। उम्मीद है कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार भी 200 करोड़ रुपए जारी करेगी।

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लूणी में रुकेगी भगत की कोठी एक्सप्रेस
बेंगलूरु. केएसआर बेंगलूरु-भगत की कोठी-केसआर बेंगलूरु एक्सप्रेस (16534/ 16533) को लूणी स्टेशन पर छह माह के लिए अस्थायी ठहराव दिया गया है। यह ठहराव 2 अक्टूबर से प्रभावी होगा।


9 तक निरस्त रहेगी रेलगाडिय़ां
बेंगलूरु. सोलापुर-वाडी खंड के नगनसुर-बारोटी स्टेशन के बीच नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के चलते कुछ रेलगाडिय़ां निरस्त की गई है। रेल प्रशासन के अनुसार हैदराबाद-विजयपुर-हैदराबाद पैसेंजर आगामी 9 अक्टूबर तक निरस्त रहेगी। रायचूर-विजयपुर-रायचूर पैसेंजर 9 अक्टूबर व सोलापुर-विजयपुर-सोलापुर पैसेंजर 10 अक्टूबर तक निरस्त रहेगी। सोलापुर-हासन-सोलापुर एक्सप्रेस 4 से 8 अक्टूबर तक सोलापुर व गुलबर्गा के बीच आंशिक निरस्त रहेगी।

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छोटा पाप भी शक्तिशाली मानव को पछाड़ देता है
मैसूरु. महावीर भवन में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने धर्मसभा में कहा कि जिस प्रकार विष की बूंदे दो चार ही क्यों न हो वे, विशालकाय हाथी को भी मार देती है। उसी प्रकार पाप छोटा भी क्यों न हो, वह शक्तिशाली मानव को भी एकदम पछाड़ देता है। उन्होंने कहा कि इस संसार की सबसे बड़ी विचित्रता यही है कि यहां प्राणी अज्ञान के वशीभूत होकर हंसते हंसते भयंकर पापकर्मों का वध कर लेता है, परंतु वह पाप कर्म जब उदय में आता है, तब वह आत्मा रोती है, घोर कल्पांत रुदन करती है। इतना ही नहीं, दूसरों को भी रुला देती है।

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