
कैगा न्यूक्लियर विद्युत केंद्र में लगातार 894 दिन बिजली उत्पादन का कीर्तिमान
बेंगलूरु. कारवार के निकट स्थित राज्य के एकमात्र कैगा परमाणु (न्यूक्लियर) विद्युत केंद्र ने अबाधित रूप से लगातार 894 दिन बिजली उत्पादन कर एक नया इतिहास रचा है। इतने दिनों तक लगातार बिजली उत्पादन करनेवाला यह विश्व का दूसरा परमाणु बिजली केंद्र बना है। अगर यहां 46 दिनों तक और निर्बाध उत्पादन संभव होता है तो ऐसा करने वाली विश्व की पहली इकाई होगी।
कैगा परमाणू बिजली केंद्र की 1-2 इकाई के निदेशक जी.आर.देशपांडे के मुताबिक अभी विश्व में लगातार न्यूक्लियर बिजली उत्पादन करने के मामले में ब्रिटन में स्थित हेश्यम परमाणू केंद्र पहले स्थान पर है। जहां लगातार 940 दिनों तक बिजली उत्पादन हुआ।
ब्रिटन में वर्ष 1956 से ही न्यूक्लियर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। इस उपलब्धी के कारण वर्ष 2000 में स्थापित यह द्रवित भारी पानी रिएक्टर इकाई अब विश्व में दूसरे स्थान पर पहुंची है। इस इकाई में 16 नवम्बर 2000 में वाणिज्यिक परिचालन शुरू किया गया था।
भारत के परमाणु बिजली संयंत्रों ने अब तक 28 बार एक वर्ष से अधिक समय में अनवरत बिजली उत्पादन किया है। 200 मेगावॉट क्षमता के केजीएस में 895 दिवस, रावटभाटा न्यूक्लियर बिजली उत्पादन केंद्र आरएपीएस (777) दिवस अनवरत परमाणु बिजली का उत्पादन संभव हुआ है।
उल्लेखनीय है कि न्यूक्लियर पॉवर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआइएल) 6,780 मेगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता के देश के विभिन्न राज्यों में स्थित 22 रिएक्टरों का परिचालन कर रहा है।6 200 मेगावाट क्षमता के 7-8 रिएक्टर निर्माणाधीन है।
----
हृदयदान से शिक्षक को मिली नई जिंदगी
बेंगलूरु. तमिलनाडु के वेल्लोर जिले के 35 वर्षीय शिक्षक बालाजी (परिवर्तित नाम) को हृदयदान से बेंगलूरु में नई जिंदगी मिली।नारायण हेल्थ सिटी के चिकित्सकों ने गुरुवार को बालाजी के शरीर में नया हृदय प्रत्यारोपित किया। डॉ. भगिरथ रघुराम ने बताया कि प्रत्यारोपित हृदय प्रदेश के 32 वर्षीय श्रीनिवास (परिवर्तित नाम) का है।
---
घांची समाज की बैठक
बेंगलूरु. घांची समाज पुरणेश्वरधाम की बैठक घांची समाज भवन कब्बनपेट में हुर्ई। प्रांरभ में गणेश, पूरणदास की पूजा आरती की गई। अध्यक्ष गणपतलाल ने स्वागत किया। बैठक में भवन उद्घाटन 15 फरवरी को तय किया। नवयुवक मंडल का गठन कर शिवलाल सोलंकी को अध्यक्ष, मीठालाल उपाध्यक्ष, प्रसन्न सह उपाध्यक्ष, मदनलाल को सचिव बनाया गया। बैठक में गणपतालाल, घीसूलाल जवरीलाल, शंकरलाल, कमलेश तुलसीराम, अम्बालाल आदि ने हिस्सा लिया।

Published on:
26 Oct 2018 05:48 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
