11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तीन गुणा तक महंगा होगा आरओ प्लांट का पेयजल

प्रति माह जेब से खर्च करने होंगे 250 से 300 रुपए राज्य भर में 16 ,528 आरओ प्लांट जल्द लागू होंगी नई दरें

2 min read
Google source verification
bangalore news

तीन गुणा तक महंगा होगा आरओ प्लांट का पेयजल

बेंगलूरु. राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिससे रिवर्स ऑस्मोसिस (आर ओ) प्लांट से आपूर्ति की जाने वाली पेयजल की कीमतें बढ़ जाएंगी। अब सूखे से पीडि़त गांवों को भी प्रति माह कम से कम 250 रुपए प्रति माह केवल पेयजल के लिए खर्च करना पड़ सकता है।

प्रस्ताव के मुताबिक अगले पांच वर्षों में 10 पैसे प्रति लीटर की वर्तमान दर से पानी की कीमतें लगभग तीन गुणा अधिक बढ़ जाएगी। पहले दो वर्षों के लिए मूल्य 25 पैसे प्रति लीटर निर्धारित किया गया है, उसके बाद तीसरे और चौथे वर्ष के लिए 30 पैसे प्रति लीटर जबकि पांचवें वर्ष के लिए कीमत 35 पैसे प्रति लीटर तक बढ़ाई जाएगी। अगले पांच वर्षों में पानी की दर 900 लीटर के लिए 300 रुपए प्रति माह पार कर जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक पांच लोगों के परिवार के लिए प्रति दिन 30 लीटर पीने के पानी की आवश्यकता होती है। क्योकि, इसका उपयोग खाना पकाने के लिए भी किया जाता है। नई दरों के मुताबिक अब हर परिवार को प्रतिमाह लगभग 250 रुपए खर्च करने होंगे जो कि पांच वर्ष में 300 रुपए से अधिक हो जाएगा। बेंगलूरु जलापूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (बीडबल्यूएसएसबी) का कहना है कि पांच व्यक्तियों का एक परिवार पानी की जरूरतें 300 रुपए प्रति माह जमा कर पूरा कर सकता है।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने राज्य भर में 16 ,528 आरओ प्लांट स्थापित किए हैं और 2,054 ऐसे प्लांट स्थापित करने पर काम चल रहा है। हाालंकि, केवल 8 ,6 40 प्लांट की ही नियमित रूप से निगरानी की जाती है। इस बीच अधिकारियों ने 223.74 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से अगले पांच वर्षों तक सभी संयंत्रों के संचालन और रखरखाव के लिए एजेंसियों को नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो नवीनतम कीमतें तय की गई हैं उससे आरओ प्लांट के रखरखाव में मदद मिलेगी। अभी तक ध्यान सिर्फ आरओ प्लांट स्थापित करने पर रहा है। अब चूंकि, रखरखाव के अभाव में कई प्लांट खराब हो गए हैं और काम नहीं कर रहे हैं इसलिए अब प्रक्रिया को नए सिरे से तैयार किया गया है। अब प्लांट स्थापित करने के साथ ही गुणवत्ता युक्त पेयजल की उपलब्धता एवं रखरखाव भी सुनिश्चत किया जाएगा।

हालांकि, यह प्रस्ताव मार्च में ही आया था लेकिन प्लांट के रखरखाव आदि का काम पिछले महीने से शुरू हुआ है। पेयजल की नई दरें आने वाले दिनों में प्रभावी हो जाएंगी।