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साध्वी कुमुदलता का 2019 को चातुर्मास बेंगलूरु में

मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित थे

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साध्वी कुमुदलता का 2019 को चातुर्मास बेंगलूरु में

बेंगलूरु. चेन्नई में चातुर्मास कर रहीं साध्वी कुमुदलता ने वर्ष 2019 का चातुर्मास बेंगलूरु में करने की घोषणा की। बेंगलूरु संघ के केसरीमल बुरड़ व अशोक गादिया के नेतृत्व में 350 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को चेन्नई पहुंचकर साध्वी के दर्शन कर अगले वर्ष का चातुर्मास बेंगलूरु में करने का निवेदन किया। साध्वी ने संघ के निवेदन को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्ष के लिए बेंगलूरु चातुर्मास की घोषणा की। मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय व बेंगलूरु के विभिन्न संघों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


आचार्य महाश्रमण से लिया आशीर्वाद
बेंगलूरु. तेरापंथ युवक परिषद एचबीएसटी के 285 सदस्यों ने चेन्नई पहुंचकर आचार्य महाश्रमण के दर्शन कर आशीर्वाद लिए। सदस्यों ने आचार्य से चातुर्मास पूर्व एवं बाद में हनुमंतनगर सभा भवन में प्रवास का समय व कोई आयाम प्रदान करने की विनती की। आचार्य ने मंगलपाठ सुना सभी को आशीर्वाद प्रदान किया। इसके बाद सदस्यों ने साध्वी कनकप्रभा व अन्य संतो के दर्शन कर सेवा की। इस मौके पर तेयुप अध्यक्ष गौतम खाब्या व टीम द्वारा देवराज, मूलचंद नाहर, डिगरीमल गौतम कुमार दक, मदन मुकेश कुमार देसरला, उदयसिंह मनीष तातेड़ परिवार का स्मृतिचिह्न प्रदान कर सम्मान किया गया।


मंत्र और सूत्र के लिए अक्षर व अर्थ का होना आवश्यक
बेंंगलूरु. शांतिनगर श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ में आचार्य महेंद्र सागर सूरी ने कहा कि मंत्र और सूत्र में फर्क है। दोनों एक ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जिसका मनन भयों से त्राण करता है वह मंत्र है। जो गहन गंभीर अर्थ को सूचित करता है वह सूत्र है। इन अर्थों के आधार पर आगमिक प्रत्येक अक्षर शब्द मंत्र भी है और सूत्र भी है। अल्प अक्षर और अधिक अर्थ होना भी मंत्र और सूत्र दोनों के लिए अनिवार्य है। सूत्र को आध्यात्मिक कहना और मंत्र को केवल लौकिक कहना और मानना भी ठीक नहीं है। दोनों शब्द संसार से जुड़े रहे हैं।