
सिद्धू बोले, कुमारस्वामी को नहीं किया परेशान
बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने इन आरोपों को गलत बताया है कि वे मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को बार-बार पत्र लिख कर उनका मानसिक रूप से उत्पीडऩ कर रहे है। अपने नए विधानसभा क्षेत्र बादामी में बुधवार को जनता दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए सिद्धरामय्या ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि खुद कुमारस्वामी ने ही कहा है कि वे एक भावुक किस्म के व्यक्ति हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार के काम में कोई रुकावट नहीं डालना चाहते क्योंकि अगर ऐसा करेंगे तो सरकार चलना असंभव होगा। इससे पहले उन्होंने बादामी तालुक पंचायत कार्यालय में जनता दर्शन में कई शिकायतें सुन कर मौके पर ही इसका समाधान किया।
उन्होंने बताया कि बादामी अपने ऐतिहासिक स्थलों और स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है। बादामी, ऐहोले और पट्टदाकल्लू के कई प्राचीन मंदिर, पर्यटक क्षेत्र और स्मारकों को विरासत सूची में शामिल किया गया है। परंतु यहां आने वाले पर्यटकों के लिए कोई विशेष सुविधाएं नहीं है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कई समस्याएं हैं, जिनके निवारण में कई माह लगेंगे।
सबसे पहले जल संकट, अजा-जजा और पिछड़ा वर्ग के लोगों को आवास उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते उन्होंने किसी भी विधानसभा क्षेत्र के साथ अनुदान जारी करने में सौतेला रवैया नहीं अपनाया। पिछले साल का अनुदान पूरी तरह खर्च किया गया है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियोंं के साथ दो बार बैठक की है। वे बादामी के लिए नया बस स्टैंड बनवाना चाहते हैं। बादामी में ट्रेनों को रोकने का एक प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजेंगे।
अधिकारियों को डांटा
सिद्धरामय्या एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में दिखाई दिए और उन्होंने जनता दर्शन में शिकायतों की सुनवाई के दौरान अधिकारियों की जमकर क्लास ली। पंचायत विभाग के अधिकारियों को चेताते हुए उन्होंने जनता की समस्याएं सुलझाने की ताकीद की और साथ ही कहा कि चूकने पर वे उन्हें निलंबित कराएंगे।
मुआवजा दिया
उन्होंने बीरनूर गांव का दौरा कर आत्महत्या किए किसान मंजुनाथ के परिवार को दिलासा दी और निजी तौर पर 50 हजार रुपए का मुआवजा दिया। सरकार से भी शीघ्र मुआवजा दिलाने के साथ ही ऋण माफ कराने का आश्वासन दिया।
Published on:
19 Jul 2018 06:57 pm
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