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मैसूरु में सिम्हा और डॉ. यतीन्द्र ने किया केम्पेगौड़ा का स्मरण

मुख्य मार्ग से होते हुए शोभायात्रा कला मंदिर पहुंची

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मैसूरु में सिम्हा और डॉ. यतीन्द्र ने किया केम्पेगौड़ा का स्मरण

मैसूरु. नाडप्रभु केम्पेगौड़ा की 504वीं जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को मैसूरु महल स्थित कोटै आंजनैया मंदिर परिसर से गाजे बाजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। मुख्य मार्ग से होते हुए शोभायात्रा कला मंदिर पहुंची। यहां सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस मौके पर मंत्री शारा महेश, लोकसभा सदस्य प्रताप सिम्हा, चामराजा विधायक एल नागेंद्र, विधायक यतीन्द्र, महापौर भाग्यवती, चुनचनगिरि मठ के स्वामी, विश्वकर्मा संघ के उपाध्यक्ष एम सुरेश बाबू आचार्य सहित काफी लोग मौजूद थे।

मण्ड्या के चमनहल्ली, बन्नूर गांव में विविध आयोजन
मण्ड्या. चमनहल्ली गांव के बाल गंगाधरनाथ स्वामी स्कूल में बुधवार को नाडप्रभु केम्पेगौड़ा जयंती मनाई गई। शिक्षकों, विद्यार्थियों ने केम्पेगौड़ा की तस्वीर पर पुष्पहार अर्पित किए। प्रधानाचार्य असवतकुमार गौड़ा, व्यवस्थापक आनंद गौड़, शिक्षिका पल्लवी गौड़, बन्नूर होबली मठ के पर्यावरण जागृति वैदिके अध्यक्ष के कालप्पा आदि उपस्थित थे। बन्नूर गांव के डेयरी सर्कल पर भी ग्रामीणों ने शोभायात्रा निकाल कर जयंती मनाई।

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क्षणिक सुख का परिणाम दुखदायी
मैसूरु. आराधना भवन में धर्मसभा में जैनाचार्य विजय रत्नसेन सूरीश्वर ने कहा कि संसार में परिभ्रमण कर रही आत्मा को वैराग्य की प्राप्ति अत्यंत ही दुर्लभ कही है। जीव से भिन्न पौदगलिक पदार्थों के प्रति हृदय में वैराग्य भाव पैदा हुए बिना जीवन में वास्तविक धर्म की प्राप्ति नहीं होती है। उन्होंने कहा कि दुख मय संसार के प्रति वैराग्य तो जीवमात्र को है।

किसी भी जीवात्मा को दुखमय संसार का आकर्षण नहीं है परंतु सभी जीवात्मा को सुख मय संसार का अत्यंत ही आकर्षण है। संसार का क्षणिक सुख मात्र लुभाने वाला है परंतु परिणाम में तो अत्यंत ही दुखदायी है। फिर भी अनादिकाल से सुख के प्रति रहा आकर्षण हमें वैराग्य पाने नहीं देता है। गुरुवार को सुबह 9 बजे शंखेश्वर की भावयात्रा होगी।

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साध्वी आज पहुंची यशवंतपुर
बेंगलूरु. साध्वी वीरकांता आदि ठाणा 4 गुरुवार को प्रात: 6 बजे राजाजीनगर से विहार कर यशवंतपुर स्थानक पहुंची। यहां सुबह 9 बजे से प्रवचन हुए।