26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पाप आत्मा को दुर्गति की ओर ले जाता है

दोपहर में खुल जा सिम सिम प्रतियोगिता में 200 महिलाओं ने भाग लिया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बैंगलोर

•

image

Ram Naresh Gautam

•

Updated: 18 Nov 2018, 5:12 PM IST

jainism

पाप आत्मा को दुर्गति की ओर ले जाता है

बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ राजाजीनगर में आयोजित धर्मसभा में साध्वी संयमलता ने कहा कि पाप का श्राप आत्मा को दुर्गति की ओर ले जाता है। पाप से आप सुखी नहीं बन सकते।

सुखी बनने के लिए, भूख को शांत करने के लिए, अतृप्त मन को तृत्प करने के लिए, आजीविका चलाने के लिए इंसान पाप कमाता है। भलाई, बुराई में बदल जाए तो यह पाप है।

बाग में आग लगा दी जाए तो वह पाप है। औरों की राह में फूल के स्थान पर शूल बिछाना पाप है। अपने सुख के खातिर आरों को दुख देना पाप है।

साध्वी अमितप्रज्ञा ने कहा कि धन की तीन संभावनाएं हैं बोओ, इस्तेमाल करो या नष्ट कर डालो। यदि धन को सन्मार्ग में लगाया जाए तो वह बोया गया, जीवन निर्वाह में लगाया जाए तो उपयोग में लाया गया और यदि गलत रास्ते पर डाला जाए तो नष्ट हो गया।

इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ, जिसमें श्रावक संघ, त्रिशला मंडल, बहुम मंडल, महावीर पाठशाला के बच्चों ने भाग लिया। दोपहर में खुल जा सिम सिम प्रतियोगिता में 200 महिलाओं ने भाग लिया।

बड़ी खबरें

View All

बैंगलोर

कर्नाटक

ट्रेंडिंग