
कम बारिश से बुवाई की मात्रा घटी: कृषि मंत्री
बेंगलूरु. राज्य के कृषि मंत्री शिवशंकर रेड्डी ने कहा कि राज्य के 13 जिलों में इस साल मानसून की कम बारिश के कारण खरीफ की सीजन में बुवाई घटी है और इस साल तय लक्ष्य की तुलना में अब तक केवल 66 फीसदी ही बुवाई हो सकी है। रेड्डी ने बुधवार को बताया कि सरकार ने खरीफ के फसलों में कुल 74.69 लाख हेक्टेयर भूमि में बुवाई की लक्ष्य रखा था, लेकिन अगस्त के पहले सप्ताह तक कुल 49.47 लाख हेक्टेयर भूमि में ही बुवाई हो सकी है।
खरीफ की सीजन के बाद सितम्बर-अक्टूबर माह में करीब 8 लाख हेक्टयेर भूमि में बुवाई की जाएगी। सरकार ने इस साल 110 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा है और हमें पूरी उम्मीद है कि हम लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। मंत्री ने कहा कि जिन 13 जिलों में कम बारिश दर्ज की गई है वहां पर वैकल्पिक फसलें उगाने के कदम उठाए गए हैं। विविध क्षेत्रों में किसानों की फसलों का ड्रोन से सर्वे करने का प्रस्ताव है। इससे किन किन क्षेत्रों में किन किन फसलों की बुवाई की गई है, इसका पता लगाया जा सकेगा और फसलों का बीमा करवाने में भी सुविधा रहेगी।
शून्य निवेश कृषि को बढ़ावा दिया जाएगा। अधिकारियों का एक दल आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में जाकर वहां शून्य निवेश कृषि का अध्ययन करेंगे और इसके बाद राज्य में भी इस कृषि पद्धति को लागू करने के बारे में योजना तैयार की जाएगी। मिलेट के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हालांकि बाजार में मिलेट के दामों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन किसानों का इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है और बिचोलिये ही इसका लाभ उठा रहे हैं।
इसे ध्यान में रखकर किसानों को सही दाम दिलाने के लिए हॉपकाम्स तथा कर्नाटक दुग्ध महासंघ के जरिए मिलेट की बिक्री करने के बारे में भी विचार किया जा रही है। सर्वे तथा नीलगिरी के विकल्प के तौर पर एलीफेंट बोबो वृक्ष उगाने की योजना को कोलार, चिक्कबल्लापुर जिलों में प्रायोगिक तौर पर लागू करने का निर्णय किया गया है। इन वृक्षों को उगाकर किसान तीन सालों में प्रति एकड़ साढ़े चार लाख रुपए की आय अर्जित कर सकेंगे। मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग में हाल में 588 अधिकारियों व कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है और अगले 15 दिनों के भीतर नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। विभाग में 153 सहायक कृषि अधिकारियों के रिक्त पदों पर जल्द ही भर्ती की जाएगी।
Published on:
09 Aug 2018 05:26 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
