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मधुगिरी में सोलर पार्क बनाएगी राज्य सरकार, नवकरणीय ऊर्जा एजेंडा आगे बढ़ाने का लक्ष्‍य

ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज ने तुमकृरु में कहा कि पार्क को टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसीआईएल) के साथ साझेदारी में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, इस साझेदारी का उद्देश्य कर्नाटक के नवीकरणीय ऊर्जा एजेंडे को आगे बढ़ानााहै।

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बेंगलूरु. राज्य सरकार तुमकूरु जिले के मधुगिरी में सोलर पार्क विकसित करने की योजना बना रही है, जो इसी जिले के पावगड़ सोलर पार्क की तरह है। पावगड़ सोलर पार्क एशिया के सबसे बड़े सोलर पार्कों में से एक है।

ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज ने तुमकृरु में कहा कि पार्क को टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसीआईएल) के साथ साझेदारी में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा, इस साझेदारी का उद्देश्य कर्नाटक के नवीकरणीय ऊर्जा एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक उपयुक्त भूमि खंडों की पहचान करने के लिए स्थानीय विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ उठाना है, जिससे परियोजना की सफलता में विश्वास पैदा हो।

तुमकूरु में कुसुम-सी परियोजना के कार्यान्वयन के बारे में समीक्षा बैठक के बाद जॉर्ज ने कहा, किसानों के पंपसेट के लिए मुफ्त बिजली की सब्सिडी हर साल बढ़ रही है। किसानों के पंपसेट को नियमित करने के प्रयासों के बावजूद, समस्या बनी हुई है, जिससे अवैध कनेक्शनों के कारण ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इस संदर्भ में, हम कुसुम-बी और कुसुम-सी परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं, सौर पंपसेट को अपनाने को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, कुसुम-सी परियोजना के तहत 1 मेगावॉट बिजली पैदा करने के लिए, चार से पांच एकड़ जमीन की जरूरत है। यदि सरकारी जमीन का उपयोग किया जाता है, तो इसे मुफ्त में प्रदान किया जाएगा और 25 वर्षों के लिए पट्टे पर दिया जाएगा। पट्टे की अवधि के दौरान पट्टेदारों को प्रति एकड़ सालाना 25,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा। ये धनराशि जिला कलेक्टर के खाते में जमा की जाएगी और स्थानीय आंगनवाडिय़ों, स्कूलों और पंचायतों के विकास के लिए आवंटित की जाएगी।