
शहर में प्रति माह 7 लाख लीटर पेयजल का रिसाव रोकने का लक्ष्य
बेंगलूरु. बेंगलूरु पेयजल आपूर्ति तथा सीवर निस्तारण बोर्ड (बीडब्लूएसएसबी) शहर में पेयजल का रिसाव रोकने के हरसंभव प्रयास कर रहा है। शहर के पुराने क्षेत्रों में घनी बस्ती तथा यातायात के कारण पुराने पाइप हटाकर नई पाइप लाइन बिछाने में समस्याएं आ रही हैं।
इसके बावजूद गत छह माह के दौरान शहर के तीन संभागों में पुराने पाइप हटाकर नए पाइप बिछाने से पेयजल के रिसाव का प्रमाण दजो पहले 48 फीसदी था जो अब 37 फीसदी तक पहुंच गया है।
इस सफलता से उत्साहित बोर्ड ने शहर के सभी संभागों के अधिकारियों को अगले माह से 7 लाख लीटर पेयजल का रिसाव रोकने का नया लक्ष्य दिया है।
बोर्ड के अध्यक्ष तुषार गिरिनाथ के अनुसार तीन माह से शहर के केंद्र, पश्चिम तथा दक्षिण संभागों में पुराने पाइप हटाकर नए पाइप बिछाने से रिसाव नियंत्रित कम हुआ है।
शहर के सभी संभागों में चरणबद्ध तरीके के से पुराने पाइप हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। नए पाइप बिछाने के लिए कई क्षेत्रों में बीबीएमपी तथा बीडीए से अनुमति में देरी के कारण यह कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहा है।
तीनों विभागों के बीच समन्वय के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
दक्षिण पूर्व, मध्य, उत्तर संभागों में नए पाइप बिछाने के लिए 450 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। इसके अलावा दक्षिण पूर्व, उत्तर संभागों के लिए 203 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।
401 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नई पाइप लाइन
शिवाजीनगर, यलहंका, कोडगेहल्ली, विद्यारण्यपुरा, सहकार नगर, अमृतहल्ली, ब्याटरायनपुरा, सी.वी.रामनगर, बेन्निगान हल्ली, होयसाला नगर, एचएएल, जोगुपाल्या, न्यू तिप्पसंद्रा, जीवनबीमा नगर, डोमलूरु, पुलकेशी नगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में 401 वर्ग किमी लंबी पुरानी पाइप लाइन बदली जा रही है।
इसमें 40 से 45 फीसदी पेयजल का रिसाव हो रहा है। नई पाइप लाइन से यहां पर 10 से 12 फीसदी रिसाव पर रोक लगाना संभव होगा।
पेयजल के लिए विशेष अभियान बोर्ड के मुख्य अभियंता केंपरामय्या के अनुसार इसके अलावा पेयजल का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए शहर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
शहर में आज भी कई उपभोक्ता गार्डनिंग तथा वाहनों की सफाई के लिए पेयजल का उपयोग कर रहे हैं। इस कारण पेयजल व्यर्थ हो रहा है। औद्योगिक क्षेत्र तथा भवन निर्माण के लिए बोर्ड की ओर से शुद्धिकृत जल की आपूर्ति की जा रही है।
उद्यानों की सिंचाई के लिए भी ऐसे पानी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अवैध जलसंपर्क प्राप्त करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
Published on:
21 Nov 2018 06:31 pm
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