
राज्य के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल ने शनिवार को बताया कि यह ट्री पार्क 105 एकड़ की उस भूमि के एक हिस्से पर विकसित किया जाएगा।
राजधानी बेंगलूरु Bengaluru के बैयप्पनहल्ली इलाके में 37.75 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 65 एकड़ का ट्री पार्क विकसित किया जाएगा। पार्क का पहला चरण मार्च तक आम जनता के लिए खोलने की योजना है।
राज्य के बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री एम. बी. पाटिल M B Patil ने शनिवार को बताया कि यह ट्री पार्क 105 एकड़ की उस भूमि के एक हिस्से पर विकसित किया जाएगा, जो पहले राज्य सरकार की न्यू गवर्नमेंट इलेक्ट्रिकल फैक्ट्री (एनजीइएफ) के स्वामित्व में थी। उन्होंने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एनजीइएफ परिसर का दौरा कर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। मंत्री ने कहा कि ट्री पार्क को चार चरणों फेज-1, 1ए, 1बी और फेज-2 में विकसित किया जा रहा है। फेज-1ए का काम छह माह में पूरा होने की उम्मीद है। परिसर में पहले से मौजूद लगभग 8,500 विभिन्न प्रजातियों के पेड़ हैं, जिनके वैज्ञानिक नाम प्रदर्शित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। नीलगिरी के पेड़ों पर निर्णय वैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फेज-1 के लिए 11.50 करोड़ रुपए पहले ही जारी किए जा चुके हैं। एनजीइएफ परिसर के प्रशासनिक भवन और औद्योगिक शेड, जिनका मूल्यांकन भारतीय विज्ञान संस्थान (आइआइएससी) के वैज्ञानिकों ने किया है, संरचनात्मक रूप से मजबूत हैं और उनका नवीनीकरण व पुनरुद्देश्यीकरण किया जाएगा।
पाटिल ने कहा कि परिसर के बाहर फैक्ट्री की 4.5 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर 5,000 से 7,000 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी-लेवल पार्किंग सुविधा बनाई जाएगी। इसके अलावा, मौजूदा इलेक्ट्रिक मोटर शेड में दो कन्वेंशन सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक में कम से कम 15,000 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।
उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से संचालित किट्स के माध्यम से इनोवर्स नाम से स्टार्टअप्स के लिए एक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। वहीं, आईटी-बीटी विभाग 100 करोड़ रुपए की लागत से प्रौद्योगिकी नवाचार संग्रहालय विकसित करेगा। ट्री पार्क में विश्व स्तरीय मूर्तिकला पार्क और एनजीइएफ संग्रहालय भी प्रस्तावित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसर में कोई शॉपिंग मॉल नहीं बनाया जाएगा, जबकि एक सुसज्जित एम्फीथिएटर में विभिन्न गतिविधियां होंगी।
मंत्री ने कहा कि यह परियोजना पूर्वी बेंगलूरु के निवासियों के लिए बड़ा हरित क्षेत्र बनेगी और कब्बन पार्क व लालबाग से भी बड़ा हो सकती है। प्रवेश द्वार के लिए आवश्यक भूमि का एक छोटा हिस्सा नम्मा मेट्रो के अधिकार क्षेत्र में आता है, जिसे हासिल करने को लेकर बातचीत जारी है।
फेज-1 में एंट्रेंस प्लाजा, एलिवेटेड वॉकवे, साइकिलिंग ट्रैक, वॉटर कैस्केड, फव्वारे, फूड कोर्ट, बच्चों का खेल क्षेत्र, पालतू जानवरों के लिए जोन और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। फेज-1बी (26.23 करोड़ रुपए) में अतिरिक्त एलिवेटेड वॉकवे, निगरानी टॉवर, प्रशासनिक भवन का नवीनीकरण और ओपन एम्फीथिएटर शामिल होगा। फेज-2 के तहत फैक्ट्री शेड को पीपीपी मॉडल पर स्पोर्ट्स हब, कला-संस्कृति केंद्र, कम्युनिटी हॉल और फूड कोर्ट के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा।
एक दिन पहले ही राज्य मंत्रिमंडल ने करीब 150 साल बाद शहर में वृहद आकार के उद्यान के विकास को मंजूरी दी थी। 250 करोड़ रुपए की परियोजना के तहत 153 एकड़ में विश्वगुरु बसवण्णा जैव विविधता पार्क का विकास किया जाएगा। जहां पहला बॉटनिकल गार्डन लालबाग 1760 में 240 एकड़ के एरिया में बनाया गया था, वहीं 194 एकड़ में फैले शहर के दूसरा बड़े उद्यान कब्बन पार्क का काम 1870 में शुरू हुआ था।
Published on:
05 Jan 2026 07:33 pm
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