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केवल दान से ही धर्म नहीं होता

कैसा हो सुपात्र दान कार्यशाला आयोजित

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केवल दान से ही धर्म नहीं होता

बेंगलूरु. तेरापंथ युवक परिषद विजयनगर की ओर से अर्हम भवन में साध्वी मधुस्मिता आदि ठाणा 6 के सान्निध्य में गोचरी के संबंध में 'कैसा हो सुपात्र दानÓ कार्यशाला आयोजित की गई। साध्वी ने दान की व्याख्या करते हुए इसके विभिन्न प्रकारों-विद्यादान, अभयदान, सुपात्र दान आदि की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि केवल दान से ही धर्म नहीं होता।

अगर दान सुपात्र है तो ही यह धर्म का हेतु बनता है। दान में देने वाला और लेने वाला दोनों ही पवित्र होने चाहिए। उन्होंने आगे गोचरी के 42 दोषों को विवेचित करते हुए कहा कि साधु और श्रावक दोनों को सावधानी बरतनी चाहिए।

उन्होंने कल्प गोचरी की व्याख्या भी की। कार्यशाला में अध्यक्ष दिनेश मरोठी, मंत्री महावीर टेबा, किशोर मंडल संयोजक मंयक पोकरणा, महिला मंडल मंत्री महिमा पटावरी सहित लगभग 100 लोगों की उपस्थिति रही। तप अभिनंदन समारोह में रेखा मरोठी के 11 उपवास के तप के उपलक्ष्य में साध्वी मधुस्मिता ने स्वरचित तप अनुमोदना गीतिका का संगान करते हुए अभिनंदन किया।

तृष्णा कभी पूरी नहीं होती
बेंगलूरु. हनुमंतनगर जैन स्थानक में साध्वी सुप्रिया ने कहा कि जिसकी आत्मा में धर्म का निवास हो जाता है उस जीव की संसार के बाहरी परिग्रहों से आसक्ति कम होती चली जाती है। उन्होंने पेट, श्मशान, समुद्र और तृष्णा की विस्तार से विवेचना करते हुए कहा कि संसार में ये चार प्रकार के गड्ढे होते हैं जो कभी भरते नहीं हंै। साध्वी सुविधि ने मधुर गीतिका प्रस्तुत की। श्रावक-श्राविकाओं ने ेपंचरंगी एकासना तप साधना की। सभा में पंजाब, राजस्थान सहित मैसूरु से त्रिशला महिला की अध्यक्ष पुष्पाबाई लोढ़ा आदि उपस्थित थे। संचालन सहमंत्री सुरेश कुमार धोका ने किया।

तत्त्व ज्ञान की दी जानकारी
बेंगलूरु. जिनकुशल सूरी जैन आराधना भवन बसवनगुड़ी में साध्वी प्रियरंजनाश्री ने कहा कि मनुष्य जन्म मिलना तुम्हारे हाथ में नहीं। चाहकर भी मनुष्य जन्म नहीं पा सकता, इसलिए इस अनमोल रत्न को पहचानो। इसकी कीमत करो। मिट्टी के भाव मत गंवाओ। उन्होंने कहा कि चातुर्मास काल का आलंबन मिला है। जिनवाणी मिली है। सद्गुरु मिले हैं। इनका सदुपयोग करो। इसका उपयोग जीवन को बदलने में करो। मध्याह्न में आयोजित शिविर में 200 महिलाओं ने भाग लिया। शिविर में धर्म की मूलभूत बातों और तत्त्व ज्ञान के बारे में विस्तार से बताया गया।