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केले के बागान में छिपा बाघ पकड़ा गया, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

वन अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया बाघ नर है और उसकी उम्र करीब सात से आठ वर्ष है। उसके सीने पर चोटें पाई गई हैं, जो संभवत: किसी अन्य बाघ के साथ संघर्ष के कारण हुई हैं।

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बंडीपुर टाइगर रिजर्व के अंतर्गत मड्डूर रेंज के वन अधिकारियों की टीम ने पुख्ता जानकारी के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया।

वन कर्मियों ने बाघ को पिंजरे में कैद किया

चामराजनगर के गुंडलुपेटे तालुक की मुख्ती कॉलोनी में केले के एक बागान में छिपे बाघ को वन विभाग ने सफलतापूर्वक पकड़ लिया। बाघ को ट्रैंक्विलाइज कर बेहोश किया गया। बाघ के पकड़े जाने पर भयभीत किसानों Farmers और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

इलाके में दहशत फैल गई

सुबह के समय मुख्ती कॉलोनी निवासी किसान लोकेश के केले के बागान में बाघ देखे जाने से इलाके में दहशत फैल गई। बंडीपुर टाइगर रिजर्व Bandipur Tiger Reserve के अंतर्गत मड्डूर रेंज के वन अधिकारियों की टीम ने पुख्ता जानकारी के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया। बाघ केले के बागान में आराम कर रहा था। पशु चिकित्सक डॉ. मिर्जा वसीम ने पीछे से डार्ट मारकर उसे बेहोश किया। इसके बाद वन कर्मियों ने उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे में कैद कर लिया।

पिछले पैर में भी घाव

वन अधिकारियों के अनुसार पकड़ा गया बाघ नर है और उसकी उम्र करीब सात से आठ वर्ष है। उसके सीने पर चोटें पाई गई हैं, जो संभवत: किसी अन्य बाघ के साथ संघर्ष के कारण हुई हैं। पिछले पैर में भी घाव हैं। फिलहाल बाघ को मड्डूर वन कार्यालय में रखा गया है। उसके रक्त के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं।

मड्डूर रेंज के वन अधिकारी पुनीत ने बताया कि बाघ Tiger की हालत स्थिर है। चिकित्सीय रिपोर्ट और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।