15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं

संसार के प्रपंच और अपनी मान्यताओं-धारणाओं को एक तरफ रख कर आत्मा का खोजी बनना होगा

2 min read
Google source verification
jainism

सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं

बेंगलूरु. बेंगलूरु. वद्र्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के तत्वावधान में गोडवाड़ भवन में उपाध्याय रविंद्र मुनि के सान्निध्य में रमणीक मुनि ने कहा कि संसार के प्रपंच और अपनी मान्यताओं-धारणाओं को एक तरफ रख कर आत्मा का खोजी बनना होगा, तभी हमारी आध्यात्मिक व आत्मा की यात्रा सफल होगी। धर्म के द्वार से ही व्यक्ति अध्यात्म में प्रवेश कर सकता है। क्षमा वीरो का आभूषण है क्षमा करना भी बच्चों का काम नहीं है। वीर ही क्षमा को धारण कर पाते हैं यानी क्रोध को छोड़ पाते हैं।

सत्यवादी महाराजा हरिश्चंद्र चरित्र की कथा की शुरुआत करते हुए मुनि ने कहा सत्य ही भगवान है, इससे बड़ा जप, तप या धर्म कोई नहीं है। झूठ से आबाद होने की बजाय सत्य से बर्बाद होने वाला एक न एक दिन आबाद होता है। सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं हो सकता यानी सत्य कभी हारता नहीं है। उन्होंने कहा कि पूजा भी शरीर की नहीं गुणों की होती है और गुण सत्यवादी में ही होते हैं।

प्रारंभ में उपाध्याय रविंद्र मुनि ने मंगलाचरण किया। रमणीक मुनि ने ओंकार का सामूहिक उच्चारण कराया जैन धर्म के चारों संप्रदायों की जय करवाई। ऋषि मुनि ने गीतिका सुनाई। पारस मुनि ने मांगलिक प्रदान की। चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने बताया कि सभा में दिल्ली, पुणे, नासिक, जयपुर, घोडऩदी, इंदौर व शहर के विभिन्न उपनगरीय संघो से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संचालन सुरेश मुथा ने किया। इंद्रचंद बिलवाडिय़ा ने धन्यवाद दिया।


जैन धार्मिक बाल शिविर 13 से
बेंगलूरु. शूले जैन श्रीसंघ के तत्वावधान में कर्नाटक जैन स्वाध्याय संघ के सहयेाग से 6 से 16 वर्ष आयु के बालक-बालिकाओं के लिए शूले महावीर जैन स्थानक व केवलमुनि जैन भवन में 13 अक्टूबर से पांच दिवसीय जैन धार्मिक बाल शिविर लगेगा होगा। यह जानकारी मंत्री सुरेंद्रलाल मरलेचा ने दी।


सौहार्द दिवस मनाया
बेंगलूरु. अणुव्रत समिति की ओर से सांप्रदायिक सौहार्द दिवस मनाया गया। समिति अध्यक्ष कन्हैयालाल चिप्पड़, सहमंत्री छत्तर सेठिया, चंद्रशेखर, मुख्य अतिथि उमादेवी ने बच्चों को संबोधित किया। कई गणमान्य उपस्थित रहे।