
अनोखा विरोध: रेल लाइन की मांग को लेकर करते हैं बिना टिकट यात्रा
बेंगलूरु. अपनी मांगें मनवाने के लिए कई प्रकार से विरोध किए जाते हैं। इसी क्रम में कर्नाटक के कुछ रेलयात्रियों द्वारा रेल में बेटिकट यात्रा करके विरोध जताने का एक अलग ही मामला सामने आया है। तमिलनाडु के मदुरै जंक्शन पर गुरुवार को बेटिकट यात्रा करते मुसाफिरों के एक समूह को पकड़ा गया। रेल अधिकारियों ने जब बेटिकट यात्रियों के दल से इसका कारण पूछा तो उन्होंने जो बताया उससे सभी भौंचक रह गए। बेटिकट यात्रियों ने कहा कि वे अपनी मांगें मनवाने के लिए विरोध स्वरूप बेटिकट यात्रा कर रहे हैं।
यात्रियों के दल ने कर्नाटक के गदग जिले के मुंदारगी से रामेश्वरम तक की बेटिकट यात्रा विरोध स्वरूप की थी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग है कि उनके क्षेत्र में नई रेल लाइन बिछाने के लिए केन्द्र सरकार आवश्यक फंड जारी करे ताकि क्षेत्रवासियों को फायदा हो। चूंकि केन्द्र सरकार नई लाइन के फंड जारी नहीं कर रही है इसलिए वे लोग बेटिकट यात्रा कर अपना विरोध दर्शा रहे हैं।
रेल अधिकारियों के लिए भी यह एक अनोखा किस्म का मामला रहा। बेटिकट सफर करते हुए पकड़े गए यात्रियों में 95 पुरुष और महिलाएं थेे। इन्होंने पहले गदग से बेंगलूरु और फिर बेंगलूरु से रामेश्वरम तक की यात्रा की। हालंाकि वापसी की यात्रा में मदुरै में विशेष टिकट जांच दल ने इन लोगों को पकड़ लिया और जुर्माना चुकाने के लिए स्टेशन पर बैठा दिया।
यात्रियों ने कहा कि इसके पूर्व जब कभी उन्हें बेटिकट यात्रा करते हुए पकड़ा गया है तब उन्होंने रेल अधिकारियों को अपनी मांगों से संबंधित पेम्पलेट दिखाया है जिससे उन्हें आगे की यात्रा करने दी गई है। वर्ष 2014-15 में रेलवे ने गदग और हरपलहल्ली के बीच मुंंदारगी और हुविनाहडगली के रास्ते रेल लाइन बिछाने का सर्वेक्षण किया था लेकिन आज तक रेल लाइन नहीं बिछाई गई।
बेटिकट यात्रियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि बेटिकट यात्रा कर हम सिर्फ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कर रहे हैं। अगर केन्द्र सरकार ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में गदग रेलवे स्टेशन अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इस बीच मदुरै में रेल अधिकारियों ने बेटिकट यात्रा करने वाले समूह पर दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
500 लोग पांच बार बिना टिकट बनारस गए
बेटिकट यात्रा करने वाले लोगों ने कहा कि वे पहले भी ऐसा करते रहे हैं। इसके पूर्व उन्होंने पांच बार इसी प्रकार गदग से वाराणसी तक की बेटिकट यात्रा की थी। प्रत्येक यात्रा में मुंदारगी तालुक के करीब 400 से 500 लोग शामिल रहते हैं और अपनी परेशानी का समाधान करने के लिए मंदिरों में जाकर प्रार्थना करते हैं। हालंाकि वे हमेशा बेटिकट यात्रा करते हैं।
Published on:
23 Jun 2018 04:48 pm
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