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IRCTC का बड़ा फैसला: अब नहीं मिलेगा चाय के साथ बिस्किट और खाने के पहले सूप

IRCTC का बड़ा फैसला: अब नहीं मिलेगा चाय के साथ बिस्किट और खाने के पहले सूप
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भोपाल

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Manish Gite

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Updated: 23 Jun 2018, 10:15 AM IST

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IRCTC का बड़ा फैसला: अब नहीं मिलेगा चाय के साथ बिस्किट और खाने के पहले सूप

भोपाल। रेलवे की सहयोग संस्था आईआरसीटीसी ने एक बड़ा निर्णय लिया है। आगामी 15-16 जुलाई से देश की 26 यात्री ट्रेनों में खाने की मात्रा को कम किया जा रहा है। यात्रियों को चाय या सूप में से एक का चयन करना होगा। बिस्किट जो मिलते थे, वे बंद हो जाएंगे। रेलवे दूरंतो, राजधानी एक्सप्रेस, अगस्त क्रांति सहित शताब्दी स्तर की ट्रेन में इस निर्णय को लागू करने जा रही है। इनमें से ज्यादातर ट्रेनें मध्यप्रदेश से गुजरती हैं। इनमें नई दिल्ली शताब्दी, नई दिल्ली से बिलासपुर, सिकंदराबाद, चैन्नई, बैंगलुरू राजधानी एवं दुरंतो ट्रेनें शामिल हैं।


आईआरसीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजधानी, दूरंतो व शताब्दी ट्रेन में यात्री के बैठते ही चाय या काफी दी जाती है। इसके बाद भोजन के पहले सूप दिया जाता है। अब नए निर्णय के अनुसार अब यात्री को सूप या चाय में से एक का चयन करना होगा। यदि यात्री चाय पसंद करेगा तो उसको भोजन से पहले सूप नहीं मिलेगा। यदि यात्री को फिर भी यह लेना है तो इसके लिए जेब ढीली करना पड़ेगी। इसी तरह सूप लेने वाले यात्री को बिस्किट भी नहीं दिए जाएंगे।

कांबो मील नहीं देंगे
आईआरसीटीसी के अधिकारी के अनुसार रेलवे ने सर्वे किया था। इसमें पाया था कि यात्री नियमित भोजन तो पसंद करते हैं, लेकिन कांबो मील पसंद नहीं करते हैं। ऐसे में ये निर्णय हुआ है कि राजधानी ट्रेन व अगस्त क्रांति ट्रेन में कांबो मील नहीं दिया जाएगा। इन ट्रेन में यात्रियों को नियमित भोजन दिया जाएगा।

सब्जियों का वजन भी कम होगा
इसके साथ ही रेलवे भोजन की मात्रा को कम करेगा। अब तक जो दाल या सब्जी 150 ग्राम मिलती थी, वो कम होकर 120 ग्राम की हो जाएगी। 100 ग्राम के वजन वाले पराठे 70 ग्राम तक के हो जाएंगे।

इससे दोनों को लाभ होगा
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी जेके जयंत के मुताबिक असल में इससे रेलवे व यात्री दोनों को लाभ होगा। अनेक बार ये देखने में आया है कि चाय व सूप में से कोई एक पेय का उपयोग कम होता है। इसके अलावा भोजन भी फेंका जाता है। इसलिए यात्रियों से किए गए सर्वे के बाद ही वरिष्ठ कार्यालय ने ये निर्णय लिया है।