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केआरएस का जलस्तर एक दिन में रिकॉर्ड 3 फीट से ज्यादा बढ़ा

मलनाड और कोडग़ु क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हो रही है। जिसके कारण क्षेत्र की छोटी-बड़ी नदियों का जल स्तर बेहद तेजी से बढ़ता जा रहा है
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 13 Jun 2018, 5:16 PM IST

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केआरएस का जलस्तर एक दिन में रिकॉर्ड 3 फीट से ज्यादा बढ़ा

मैसूरु. कर्नाटक के मंड्या में कृष्ण राज सागर जलाशय (केआरएस) के जलस्तर में 24 घंटे के दौरान रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। मंगलवार को केआरएस का जलस्तर 82.80 फीट पहुंच गया, जबकि सोमवार को जलस्तर 79.50 फीट था। इस प्रकार मात्र 24 घंटों में केआरएस के जलस्तर में 3.30 फीट की बढ़ोतरी हुई।

मेंगलूरु में नेत्रावती खतरे के निशान पर बह रही है। दरअसल मलनाड और कोडग़ु क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। जिसके कारण क्षेत्र की छोटी-बड़ी नदियों का जल स्तर बेहद तेजी से बढ़ता जा रहा है। बारिश के कारण भागमंडल और तलकावेरी क्षेत्र में जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, वहीं इससे कावेरी नदी में पानी का आवक बढ़ गया। कावेरी नदी के जल संग्र्रहण क्षेत्रों हो रही बारिश के कारण ही केआरएस में पानी का अंतर्वाह बढ़ गया है और जलस्तर में एक दिन में रिकॉर्ड 3.30 फीट की बढ़ोतरी हुई है।

केआरएस का जलस्तर पिछले वर्ष आज के दिन जहां 67.51 फीट था, वहीं अब 82.80 फीट है। इस प्रकार समान अवधि में पिछले वर्ष की तुलना में केआरएस का जलस्तर 15.19 फीट ज्यादा है। कावेरी के जल संग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण केआरएस में पानी के अंतर्वाह में भी रिकॉर्ड तेजी आई है। मंगलवार को पानी का अंतर्वाह 17883 क्यूसेक रहा जबकि सोमवार को पानी का अंतर्वाह 8478 क्यूसेक था। वहीं मंगलवार को निकासी मात्र 342 क्यूसेक रही।

युद्ध स्तर पर हो बचाव और राहत कार्य: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्होंने चारमाडी घाट में हुए भूस्खलन संबंधी रिपोर्ट ली है। अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्र में बचाव व राहत कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जाए। बीच सड़क पर जो लोग फंसे हुए हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का निर्देश दिया गया है।

साथ ही चारमाडी घाट खंड पर दोबारा वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए शीघ्रता पूर्वकमलबा हटाने को कहा गया है। मेंगलूरु के पुलिस अधीक्षक रविकांते गौड़ा ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य व्यापक स्तर पर चल रहा है। रास्ते में फंसे वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों से निकालने की व्यवस्था की गई है। वहीं चिकमगलूर के पुलिस अधीक्षक अन्नामलई ने प्रभावित सड़क का दौरा करने के बाद कहा कि दोबारा यातायात बहाल होने में कम से कम 48 घंटे लगेंगे। हालांकि वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जाम में फंसे लोगों को भोजन और पानी उपलब्ध कराना भी है।