
नवयुवक मंडल ने चामुंडेश्वरी तक की पदयात्रा
मण्ड्या. राजस्थानी नवयुवक मंडल के युवाओं ने बन्नूर गांव से मैसूरु के चामुंडेश्वरी माता मंदिर तक पदयात्रा कर देवी के दर्शन किए। बन्नूर गांव के चौराहा पर माता के जयकारे व हाथों में ध्वजा थामकर रिमझिम बारिश में रंगसमुद्रा, रंगस्वामी गेट, माहदेवणहुड्डी, मेलणहल्ली, भीदरहुड्डी से पदयात्रा करते हुए चामुंडी पहाड़ी पहुंच माता के दर्शन किए। पदयात्रा में महेन्द्र सिंह राजपुरोहित, मोहनलाल सीरवी, रामचंद्र सीरवी, अमरराम सीरवी, ममता सीरवी, महेन्द्र पालावत आदि युवा सदस्यों ने भाग लिया।
बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता आयोजित
मण्ड्या. हेमद्राम्मा देवी युवक संघ की ओर से माकणहल्ली गांव में रविवार रात को एक दिवसीय बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई।
मुख्य अतिथि विधायक अश्विनी कुमार ने बैलगाड़ी चलाकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। प्रतियोगिता में आसपास गावों के 27 बैलगाड़ी चालकों ने भाग लिया। प्रतियोगिता देखने व चालकों का उत्साह बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंचे। अंतिम मुकाबले में बन्नूर गांव के बसुराज ने सैनापतिहल्ली गांव के मरिगौडा को पराजित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। अतिथियों ने बसुराज को नगद पुरस्कार से सम्मानित किया। आयोजन में रामस्वामी, के कालाप्पा, आनंद गौडा आदि मौजूद थे।
मानव अपनी आत्मा को पहचानें
मैसूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिद्धार्थनगर सीआइटीबी परिसर में श्रुत मुनि ने कहा कि बच्चा जब जन्म लेता है तब सबको बहुत ही सुहावना लगता है लकिन ज्यों ज्यों बड़ा होता है वह सुहावनापन काम होने लगता है। शरीर को एक दिन जाना ही है मानव अपनी आत्मा को पहचानों। उन्होंने कहा कि परमात्मा हमें चेतावनी दे रहे हैं कि मानव आत्मचिंतन कर लो हमको इस देह को क्या करना है इस संम्पति को और कितना संचित करना है और इसमें से हमारे साथ और क्या आने वाला है। एक दिन सब यही छोड़कर प्रभु घर जाने के समय केवल आत्मा के लिए किए हुए कार्य ही साथ आएंगे। आत्मा अजर अमर है केवल शरीर अलग होता है चाहे वह हम किसी भी भव में जिए हो कोई भी प्राणी बनकर जिए हो आत्मा एक ही होती है। सोमवार को अक्षर मुनि के 30 उपवास की तपस्या गतिमान है।

Published on:
02 Oct 2018 07:45 pm
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