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सुख के लिए क्रोध का त्याग करना चाहिए

जीवन जीने में सात जगह पर क्रोध नहीं करना चाहिए।

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जीतो ने शुरू किया वक्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम

बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिद्धार्थनगर मैसूरु स्थित सीआइटीबी परिसर में श्रुतमुनि ने भाव भ्रमण को बढ़ाने एवं कारागृह की यात्रा कराने वाले मार्ग अज्ञान एवं क्रोध का वर्णन करते हुए कहा कि व्यक्ति को सुखी जीवन जीने के लिए क्रोध का त्याग करना चाहिए।

जीवन जीने में सात जगह पर क्रोध नहीं करना चाहिए। घर से बाहर जाते समय, घर आते समय, भोजन करते समय, धर्म आराधना के समय, बड़े मित्रों एवं अतिथि के साथ, कर्मचारियों के साथ, साधु-साध्वी के साथ कभी क्रोध नहीं करना चाहिए।

आत्म अज्ञान आत्म स्वरूप को पहचानना आत्मा में अकृत ज्ञान है। उसे समझने की जरूत है।

खाटू श्याम का जन्मोत्सव मनाया
मैसूरु. श्याम परिवार मैसूरु के मुख्य कार्यकर्ता कमलकांत बंसल के नेतृत्व में आराध्य देव खाटूश्याम का जन्मोत्सव धूमधाम से हुआ। खाटू श्याम के भजन प्रस्तुत किए गए।

भगवान श्याम को पुष्पमाला एवं एकादशी का भोग चढ़ाया गया। पंडित राहुल शर्मा ने मंत्रोच्चार से पूजन करवाया। साथ ही तुलसी विवाह के उपलक्ष्य में तुलसी पूजन भी किया गया।

जन्मोत्सव पर केक भी काटा गया। रमाकांत पंसारी, कमल बंसल, पवन अग्रवाल एवं राजकुमार गोयल उपस्थित रहे।