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47 मिनट की रात्रि चौपाल, 25 मिनट योजनाओं का जिक्र, 22 मिनट ही जनता की फिक्र

नवागांव की रात्रि चौपाल  

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47 मिनट की रात्रि चौपाल, 25 मिनट योजनाओं का जिक्र, 22 मिनट ही जनता की फिक्र

47 मिनट की रात्रि चौपाल, 25 मिनट योजनाओं का जिक्र, 22 मिनट ही जनता की फिक्र

बांसवाड़ा. नवागांव. आमतौर पर रात्रि चौपाल का मतलब गांव में विभागीय अधिकारी पहुंचकर आमजन के बीच बैठकर शांति पूर्वक उनकी समस्याओं को समझ कर उसका समाधान करने के लिए काम करते है। लेकिन पंचायत समिति बांसवाड़ा की नवागांव में बुधवार की शाम आयोजित रात्रि चौपाल में इससे उलट नजारा देखने को मिला। कलक्टर से लेकर पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने मात्र एक घंटे से भी कम समय में विभागीय कामों की जानकारी, जन समस्या व समाधान के नाम पर खानापूर्ति कर रात्रि चौपाल खत्म कर दी गई।
47 मिनट में सिमटी रात्रि चौपाल
नवागांव राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित रात्रि चौपाल में कलक्टर अंकितकुमारसिंह ठीक 6:47 पर पहुंचे। एसडीएम पर्वतसिंह चुंडावत ने करीब 3 मिनट रात्रि चौपाल कार्यक्रम की जानकारी दी। बाद चौपाल में आये एसडीएम नरेश बुनकर ने ग्रामीणों की कुछ समस्या पत्रक एकत्रित किए । बिजली विभाग व पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों से सवाल जवाब किया गया। चिकित्सा विभाग, कृषि विभाग, समाज कल्याण विभाग व महिला व बाल विकास विभाग के अधिकारी भी सरकारी निर्देशों व खानापूर्ति का पालन करते हुए मात्र 25 मिनिट सरकारी योजनाओं की जानकारी देते नजर आए। जो पिछले हर शिविरों में दी जाती है। 7 बजकर 45 मिनट पर जिला कलक्टर, एडीएम व एसडीएम चौपाल का समापन कर निकल गए। यानी नवागांव की पूरी रात्रि चौपाल 47 मिनट में सिमट गई।
कलक्टर ने किसानों के तीसरी जायद फसल में मूंग की खेती करने सम्बंधित जानकारी मांगने पर कृषि विभाग से डॉ दलीपसिंह यादव ने राज किसान पोर्टल पर सभी योजनाएं मिलने व जायद की फसल में मूंग के बीज सब्सिडी से उपलब्ध करवाने की बात बताई । चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में खाद्य सुरक्षा से जुड़े एवं नहीं जुड़े लोगों को चिकित्सा वह बीमा संबंधी जानकारियां डॉक्टर नरेंद्र मईडा ने दी। समाज कल्याण विभाग से कि अधिकारी हिमांगी निनामा महिला व बाल विकास विभाग अधिकारी इंदु बाला पटियात ने भी सरकारी योजनाओं की जानकारियां दी।
इन्होनें बताई समस्या
उपसरपंच अशोक कुमार ने ग्राम पंचायत में बिजली विभाग के लगे खंबे टेढ़े हो जाने व झूलते तारो की समस्या बताई। गांव में स्पीडब्रेकर लगवाने की भी मांग की, लेकिन पीडब्ल्यूडी का कोई अधिकारी ही मौजूद नही मिला। लालशंकर मेहता ने नालियों की सफाई नहीं होने से बीमारी के भय का जिक्र किया। पूर्व सरपंच रमणलाल कलाल ने स्कूल के पीछे की पहाड़ी को मैदान के लिए समतलीकरण करवाने, टूटी नहरी तंत्र को दुरस्त करवाने की मांग रखी। कुछ ग्रामीणों ने गांव की गलियों में टूटी सीसी सड़क को बनवाने की मांग की। सरपंच शंकरलाल मकवाणा ने बीते वर्ष पूरी ग्राम पंचायत में मनरेगा में कोई काम स्वीकृत नहो होने की शिकायत की। जो स्वीकृति मिली उनमें केवल दो काम पक्के शेष कच्चे कार्य है ।
इस पर कोई चर्चा तक नही

शिविर में कुल कितने अधिकारी होने चाहिए। कितने मौजूद व कितने अनुपिस्थत रहे, इस संबंध में कोई जानकारी तक नहीं दी गई। कार्यक्रम मे शिक्षा विभाग, वनविभाग, जलदाय विभाग, आयुष विभाग, पीएचईडी विभाग के अधिकारी होने के बाद भी उनसे किसी भी तरह के सवालात नही किए।

इस दौरान शिविर में विकास अधिकारी हंसराज सिंह, एईएन राकेश मीणा, पंचायत प्रसार अधिकारी हरीश सोनी, ग्राम विकास अधिकारी नरेश लबाना, व नवागांव ग्रामीणों में से करीब 100 से अधिक ग्रामीणजन मौजूद रहे।