
उदयपुर में उपचार के बाद घर लौटा छात्र राधेश्याम। फोटो पत्रिका
Banswara News : बांसवाड़ा के कुशलगढ़ के बावलिया पाड़ा के सरकारी स्कूल के एक बच्चे की पलकें फेवीक्विक से चिपक गईं। कॉपी चिपकाते समय ब्लिस्टर पैक से निकला तरल पदार्थ हाथों पर लगा और उसने उन्हीं हाथों से आंखें मल दीं तो पलकें चिपक गईं।
उदयपुर में उपचार करवाने के बाद बच्चे की आंखें वापस खुल सकीं। एकबारगी तो बच्चा और परिजन हैरान-परेशान हो गए, लेकिन इलाज के बाद बच्चा ठीक है।
11 वर्षीय राधेश्याम पुत्र देवी सिंह डिंडोर स्कूल में बैठकर फेवीक्विक के ब्लिस्टर पैक को तोड़कर कॉपी चिपका रहा था। इस दौरान साइअनॉएक्रिलेट (चिपकाने वाला तरल पदार्थ) उसके हाथों पर भी लग गया। उसने गलती से हाथों से आंखें मल दी। इससे उसकी दोनों पलकें चिपक गईं।
बच्चा परेशान होकर रोने लगा। उसे परिजन कुशलगढ़ सीएचसी ले गए, जहां से बांसवाड़ा के एमजी अस्पताल और बाद में उदयपुर रेफर किया गया।
उदयपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उपचार कर सूखे हुए साइअनॉएक्रिलेट को हटाकर पलकें खोल दीं। उपचार के बाद छात्र पूरी तरह स्वस्थ है।
Published on:
04 Feb 2026 09:07 am

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