
माता-पिता देवदर्शन को गए, जमीन विवाद के चलते चाचा और चचेरे भाई ने घोंट दिया नौ बहनों के इकलौते भाई का गला, आरोपी गिरफ्तार
बांसवाड़ा. कलिंजरा थाना इलाके के जल्दा गांव में जमीन हड़पने के उद्ेश्य से शनिवार रात चाचा ने अपने बेटे के साथ मिलकर दस वर्षीय भतीजे की गला घोंटकर हत्या कर दी। घटना के समय मृतक के माता-पिता दर्शन के लिए सांवलियाजी गए थे। देर रात वे घर पहुंचे तो इकलौते पुत्र का शव देखकर बिलख पड़े। सूचना पर रविवार सुबह पुलिस पहुंची। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा। इसके बाद त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को गांव से ही गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी प्रदीप बिट्टू ने बताया कि जल्दा निवासी वेस्ता पत्नी के साथ शनिवार को सांवलियाजी दर्शन को गया था। इसके चलते घर पर टिमुरवा निवासी दामाद परतु और दस वर्षीय पुत्र भरत को छोड़ गए थे। शनिवार देर शाम ही परतु ने अपने श्वसुर और सास को इत्तला दी कि उनके बेटे भरत की हत्या कर दी गई है। लाश के समीप से चाचा शंकर पटेल और उसका बेटा प्रकाश भागते हुए दिखे हैं। इस सूचना पर रात करीब दो बजे मां-बाप घर पहुंचे तो बेटे का शव देखकर बिलख पड़े। सूचना पर अगले दिन रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस पहुंची। उन्होंने मौका मुआयना किया और शव को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंपा। मृतक नौ बहिनों का इकलौता भाई था। वह घर में सबसे ज्यादा दुलारा था।
ग्रामीणों के सामने स्वीकारा अपराध
वारदात की सूचना पर पुलिस पहले पीडि़त और फिर आरोपियों के घर तक पहुंची, जहां आरोपियों ने ग्रामीणों के सामने ही अपना जुर्म कबूलते हुए गलती होने की बात कही। इस पर पुलिस बाप-बेटे को गिरफ्तार कर थाने लेकर आई।
हत्या का यह कारण
पूछताछ में आरोपी मृतक के चाचा शंकर पुत्र पूंजा पटेल तथा उसके बेटे प्रकाश पटेल ने बताया कि भरत के जन्म नहीं लेने तक वेस्ता की जमीन का कोई वारिस नहीं था। उसकी जमीनों के वे ही हकदार थे। भरत का जन्म हुआ तो उन्हें लगा कि अब वेस्ता की जमीन उन्हें नहीं मिलेगी। शनिवार को जब वेस्ता सांवलियाजी गया तो शंकर और प्रकाश ने मौका देखकर किसी बहाने से भरत को घर से बाहर बुलाया। इसके बाद हाथों से गला दबाकर हत्या कर दी शव को वहीं पटककर भाग गए।
Published on:
2 Sep 2019, 11:52 AM IST
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