
बांसवाड़ा. बागीदौरा. समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी के लिए गत कई दिनों से संघर्षरत किसानों के सब्र का बांध सोमवार को टूट गया और अपनी मांगों के लिए बागीदौरा में उन्होंने अद्र्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। खरीद को लेकर गत दिनों दिए गए अल्टीमेटम के बाद भारतीय किसान संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान बागीदौरा बस स्टेण्ड के मुख्य चौराहे पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर धरने बैठ गए। किसानों का प्रतिनिधिमण्डल तहसीलदार राकेश कुमार से मिलने पहुंचा और वहां सोयाबीन खरीद के लिए अब तक गुणवत्ता निरीक्षक के नहीं पहुंचने की बात कही।
इस पर तहसीलदार ने यह समस्या कलक्टर तक पहुंचाई तो सामने आया कि गुणवत्ता निरीक्षक दोपहर एक बजे तक बागीदौरा पहुंचेगा। इससे किसान और आक्रोशित हो गए और उन्होंने नारेबाजी करना शुरू कर दिया। किसानों के समर्थन में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान भी बंद कर दिए। तहसीलदार द्वारा बताए समय की सीमा समाप्त होने के बाद किसान उग्र होते हुए रैली निकाल कर तहसील परिसर पहुंच गए और वहां फिर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके ठीक पन्द्रह मिनट बाद किसी तरह का जवाब नहीं मिलने पर तहसील कार्यालय के समक्ष किसानों ने अद्र्धनग्न प्रदर्शन किया।
दोपरह बाद पहुंचे अधिकारी
दोपहर करीब दो बजे क्रय विक्रय सहकारी समिति के मैनैजर जितेन्द्रसिंह व गुणवत्ता निरीक्षक बागीदौरा पहुंचे। जहां अधिकारी ने सरकारी मापदडं के अनुसार ही खरीद की बात कही, लेकिन किसानों ने अपनी मांग रखते हुए जांच अधिकारी के सामने कहा कि सोयाबीन में पीले दानों के साथ ही हरे दाने भी आएगें क्योकि सोयाबीन की फसल पर मौसम की मार पड़ी है। इसमें किसानों का क्या दोष है। प्रशासन व जांच अधिकारियों ने जैसे-तैसे किसानों को समझाइश कर खरीद केन्द्र पर ले गए।
जहां अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा ने ट्राली में भरी सोयाबीन को देख कर कहा कि इसमें हरे दाने की मात्रा अधिक है जो गुणवत्ता मापदण्ड के अनुसार नहंी है। इसके चलते ट्रैक्टर ट्रॉली के सोयाबीन को रिजेक्ट कर दिया। किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रणछोड़ पाटीदार व जिला उपाध्यक्ष गोपाल पाटीदार ने कहा कि सरकार ने एक सप्ताह के भीतर सोयाबीन खरीद के लिए गुणवत्ता मापदण्डों को नही बदला तो किसान और उग्र आदोंलन करेगा।
Published on:
07 Nov 2017 11:24 am
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