
Wheat Procuremen (File Photo)
Wheat Procurement Center in Banswara : बांसवाड़ा में उत्पादित गेहूं को भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने समर्थन मूल्य पर खरीदने पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि खरीद केंद्रों पर पहुंच रहा किसानों का गेहूं दोयम दर्जे का है। बांसवाड़ा जिले में गेहूं की सरकारी कीमत पर खरीदारी के लिए 12 केंद्र खोले गए है। पर अभी तक किसी भी केंद्र पर खरीदारी नहीं हो पाई है। वागड़ अंचल में पैदा हुए गेहूं की वास्तव में गुणवत्ता कम है। ऐसे में एफसीआई की ओर से क्रय केंद्र पर लगाए गए गुणवत्ता निरीक्षक, गेहूं की खरीद नहीं कर रहे हैं। किसानों को राहत देने के लिए जिला कलेक्टर ने पहल की है। कलेक्टर डॉक्टर इंद्रजीत यादव ने खाद्य विभाग को पत्र लिखकर गेहूं खरीद में राहत देने की मांग की है।
इस बात की जानकारी जब जिला कलेक्टर को हुई तो उन्होंने एक कमेटी का गठन किया। कमेटी इस मुद्दे की जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को भेज दी गई। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि वास्तव में गेहूं की गुणवत्ता काफी कमजोर है। इसके बाद अब कलेक्टर कदम उठाया। उन्होंने कमजोर गुणवत्ता का गेहूं, क्रय केंद्रों पर खरीदा जा सके इसके लिए खाद्य विभाग को पत्र लिखा है।
यह भी पढ़ें - लहसुन के रेट में आई भारी गिरावट, पर अदरक और नीबू में एकाएक आई तेजी
कलेक्टर ने पत्र में कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए आने वाले गेहूं को, गुणवत्ता मापदंडों में छूट दिलवाने का प्रयास करें। उल्लेख किया गया है कि जिला रसद अधिकारी के निर्देशन में एक टीम का गठन किया गया था, इस टीम ने क्रय केंद्र पर जाकर गेहूं की जांच की तो टीम को पता चला कि गेहूं कमजोर गुणवत्ता का है।
यह भी पढ़ें - Good News : राजस्थान में मनरेगा मजदूरों के लिए खुशखबर, 1 अप्रैल से मिलेंगे 266 रुपए मजदूरी
Updated on:
30 Mar 2024 04:31 pm
Published on:
30 Mar 2024 04:29 pm
बड़ी खबरें
View Allबांसवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
