
बांसवाड़ा. ‘जिस प्रकार अपनी मन्नतों को पूरा करने के लिए पूर्ण श्रद्धा और भक्तिभाव से नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना की जाती है। उसी प्रकार हम सभी इस शारदीय नवरात्र में प्रदेश की मुख्यमंत्री को मनाने के लिए पूजन और आरती करेंगे। ताकि सरकार हमारी मांग पूरी कर दें और हम सभी का नियमितीकरण कर दें।’ यह कहना है बांसवाड़ा जिले में सामूहिक अवकाश पर उतरे ६५ एनआरएचएम कार्मिकों का। जो पिछले कुछ दिनों ने कलक्ट्री के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मुख्यतौर पर नियमती करण की मांग को लेकर विरोध में उतरे इन कार्मिकों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती तब तक वे सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस प्रकार गुरुवार को भी भजन कीर्तन और मुख्यमंत्री की आरती की और सरकार को प्रसन्न करने के जतन किए गए। धरने में हितेश सामर, उमेश, सोनू, भूपेश, मनीष, पुखराज, मृगांक, किरण, राजेश्वरी, कोकिला, महेंद्र, संदीप, सुमित सहित सभी कार्मिक उपस्थित रहे।
स्लोगन में भी अरदास
बांसवाड़ा कलक्ट्री के बाहर प्रदर्शन कर रहे कार्मिकों ने मुख्यमंत्री का पोस्टर चस्पा कर रखा है। जिसमें मुख्य मंत्री को पालनहार का दर्जा देकर स्लोगन लिखा गया है। कार्मिकों ने पोस्टर में लिखा है कि ‘तू ही पालनहार है मइया, एक तेरा ही सहारा’ और मांगों को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री के इस पोस्टर की ही पूजा अर्चना और आरती की जा रही है।
प्रदेश में 5 हजार कार्मिक के साथ हुआ अन्याय
प्रदर्शन को लेकर संगठन के जिला अध्यक्ष गिरीश गर्ग ने बताया कि वर्ष २०१३ में निकाली गई भर्ती संख्या १३११ में पैरा मेडिकल स्टाफ को नियमित कर दिया गया। लेकिन उनके साथ ही कार्यरत अन्य एनआरएचएम कार्मिकों को नियमतिकरण नहीं किया गया। जिस कारण प्रदेश में तकरीबन ५००० हजार कार्मिक अल्प वेतन पर घरों से सैकड़ों किमी दूर गुजारा कर रहे हैं।
10 वर्षों से हैं कार्यरत, फिर भी भला नहीं
संगठन के जिला उपाध्यक्ष राम भारत चेजारा ने बताया कि जिले में कर्मचारी घर से कोसों दूर गत १० वर्षों से कार्य कर रहे हैं। लेकिन कार्मिकों की भलाई के लिए सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिस कारण आज कार्मिकों घर चलाना भी मुश्किल हो गया है। इस कारण संगठन की ओर से पूरे प्रदेश में एक साथ सभी कार्मिक नवरात्र में पूजन कर रहे हैं। और इसी प्रकार पूरे नवरात्र में करेंगे।
Published on:
21 Sept 2017 10:18 pm
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