
Video : वागड़ की धरा पर बिखरे मीरा की भक्ति के रंग, हेमा मालिनी को मंच पर थिरकते देख हर कोई रह गया दंग
बांसवाड़ा. भक्ति और शक्ति की धरा वागड़ पर बुधवार को मीरा की भक्ति के रंग बिखरे। फिल्म अभिनेत्री और नृत्यांगना हेमा मालिनी ने ने नृत्य नाटिका मेें मीरां के जीवन प्रसंगों का अपनी गजब की भाव भंगिमाओं के साथ प्रस्तुत किया तो श्रद्धालु भी जैसे मीरा की भक्ति में तत्लीन हो गए। इस मशहूर कलाकार के अभिनय को लोगों ने रुपहले पर्दे पर तो कई बार देखा लेकिन आज साक्षात तौर पर मंच पर एक अलग रूप में थिरकते देखा तो अभिभूत हो उठे। हेमामालिनी ने मीरा के रूप, रस, रंग एवं विरह की अलग-अलग मुद्राओं अपलक निहारते रहे। गुरुपूर्णिमा के उपलक्ष में महर्षि उत्तम स्वामी के रवीन्द्र ध्यान आश्रम पर जब हेमामालिनी मीरा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दे रही थी और लोग भी प्रस्ततियों में लीन हो उठे तो ध्यान आश्रम अपनी सार्थकता को दर्शाता दिखा।
मीरा की विरह वेदना को नृत्य के द्वारा किया प्रस्तुत
बांसवाड़ा. हेमामालिनी ने करीब ढाई घंटे तक मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरों न कोई जा के सिर मोर-मुकट मेरो पति सोई...। छाडि़ दयी कुल की कानि, कहा करिहै कोई? आदि मीरां से जुड़े गीत-भजनों पर नृत्य किए। कृष्णभक्त कवयित्री मीराबाई रचित पदों तथा जीवन चरित्र पर घटित घटनाओं पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शक भाव विभोर हो गए। हेमामालिनी ने कृष्ण के प्रति मीरा की भक्ति को प्रभावी रूप पेश किया। मीरा बनी हेमा को देखने एवं गुरु आशीर्वाद के लिए पांडाल खचाखच भर गया।
उदयपुर रोड से लेकर आश्रम के भीतर पांडाल तक श्रोताओं की अच्छी खासी भीड़ रही। इससे पूर्व महर्षि उत्तम स्वामी के सानिध्य में रामदास त्यागी (रामबाबा) एवं महारावल जगमाल सिंह, एलएनजे के सीईओ एनके बहेडिय़ा सहित अन्य ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उत्तम महिला सेवा समिति एवं उत्तम गुरु भक्त मंडल की ओर से स्वागत किया गया। इधर उत्तम स्वामी ने बताया कि मीरा को किसी ने देखा तो नहीं, लेकिन उनके भावों और इस युग में कला के माध्यम से देखा गया है।
बच्चे से बुजुर्ग तक ने बिछाए पलक पावड़े
उत्तम सेवाधाम पर हेमा मालिनी की कला से रूबरू होने के लिए हर वर्ग के लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। ड्रीम गर्ल का क्रेज इतना कि बुजुर्ग वर्ग तक लोगों ने पहुंचकर नाटक का आनंद लिया।
150 मिनट तक थिरके कदम
नाटक के मंचन में तकरीबन ढाई घंटे तक नाटक मंचन किया। मंचन के दौरान लगातार थिरकते कदमों और भक्ति भावों को देख भक्तों में उत्साह कायम रहा।
इन पर प्रस्तुति
जीवन संबंधी पद
कृष्ण से लगाव और उनकी भक्ति
मीरा का विवाह
मीरा की हत्या के प्रयास क दृष्टांत
वृंदावन में वास
मीरा बाई की साधू संतों से संगत
Updated on:
26 Jul 2018 01:08 pm
Published on:
26 Jul 2018 01:07 pm
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