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बांसवाड़ा : पंचायत सहायक भर्ती में चहेतों के चयन पर एक बार फिर मचा बवाल

विद्यार्थी मित्रों ने लगाया दरकिनार करने का आरोप

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बांसवाड़ा. जिले में पंचायत सहायक भर्ती के तीसरे चरण में भी मनमर्जी चलाई गई। कई पंचायतों में पात्र अभ्यर्थियों को चयन से वंचित कर दिया गया। इस पर हंगामा भी हुआ। मनमर्जी के खिलाफ कई अभ्यर्थियों ने जिला मुख्यालय पर पहुंचकर जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया और चयन प्रक्रिया पुन: कराने की मांग की। वहीं देर शाम तक अनुमोदन सूची जारी नहीं होने पर विद्यार्थी मित्र डीईओ कार्यालय पर डटे रहे।

पंचायत सहायक भर्ती के लिए तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को संबंधित ग्राम पंचायतों में विद्यालय विकास और प्रबंधन समिति की बैठक हुई। इसमें भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्राप्त परिवेदनाओं का परीक्षण कर चयन प्रक्रिया पूर्ण की जानी थी। परीक्षण में चयन प्रक्रिया पूर्ण या सही नहीं पाए जाने पर संबंधित पीईईओ को परिवेदना के आधार पर चार अक्टूबर को प्राप्त आवेदनों पर ही पुन: विचार कर चयन प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई जगह चयन प्रक्रिया में पीईईओ और समिति की ओर से मनमर्जी किए जाने के आरोप विद्यार्थी मित्रों ने लगाए।

उनका कहना था कि सक्षम अधिकारी से प्राप्त अनुभव प्रमाण पत्रों को दरकिनार कर चहेतों का चयन कर लिया गया। वहीं कई जगह विद्यार्थी मित्रों को प्रक्रिया में शामिल ही नहीं किया गया। विद्यार्थी मित्र ललित पाटीदार ने आरोप लगाया कि मंगलियादईड़ा पंचायत में पीईईओ मौन बैठे रहे। समिति के सदस्यों ने अपनी पंचायत के अलावा अन्य किसी को भी साक्षात्कार देने नहीं दिया। अभ्यर्थियों ने चोखला, खेड़ावड़लीपाड़ा, मंगलिया दईड़ा, केसरपुरा, नईपाटन, अरथूना, तेजपुर, भोयर, कुंडला, आंबापुरा, बुड़वा, छींच, सुरपुर, सुजाजी का गढ़ा आदि पंचायतों में चयन प्रक्रिया दोबारा कराने की मांग की।

डीईओ कार्यालय पर डाला डेरा
इधर, चयन प्रक्रिया के बाद अनुमोदन की सूची करने की मांग को लेकर विद्यार्थी मित्रों ने देर शाम जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कार्यालय पर डेरा डाल दिया। जिलाध्यक्ष गणपत कटारा, सचिव राजेंद्र यादव, प्रवक्ता दीपेश भट्ट सहित कार्यकारिणी के सदस्य कार्यालय पहुंचे तो वहां संतोषप्रद जवाब देने वाला कोई नहीं था। विद्यार्थी मित्रों ने कहा कि मंगलवार को ही अनुमोदित सूची जिला परिषद को भेजी जानी थी, लेकिन अब तक सूची के बारे में ही कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है।

उन्होंने अनुमोदन की सूची जारी करने की मांग की, लेकिन किसी ने कोई जवाब ही नहीं दिया। इधर, डीईओ दिन में भी कार्यालय में नहीं थे और मोबाइल पर कॉल भी रिसीव नहीं किए। इधर पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को ज्ञापन देकर पंचायत सहायक भर्ती की सूची र्सावजनिक नहीं की जाए। ज्ञापन में बताया कि इसको लेकर उच्च न्यायालय की ओर से जिले में 9 ग्राम पंचायतों में रोक लगाई गई है, जिसकी सूचना भी सभी संबंधित अधिकारियों को दी है। बावजूद इसके न्यायालय के आदेश के खिलाफ भर्ती को लेकर रोष व्याप्त है।

यहां भी विरोध

बडोदिया. ग्राम पंचायत चौखला एवं मंगलिया दईड़ा में विद्यालय प्रशासन ने स्थानीय लोगों के द्वारा चयन प्रक्रिया में विरोध करने पर गांव के ही अभ्यर्थियों का चयन कर सूची भेज दी। चौखला में स्थानीय लोगों के दबाव में विद्यार्थी मित्रों के आवेदन को दरकिनार कर दिया। अभ्यर्थी दर्शन ठाकुर ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में एसडीएमसी के सदस्यों को खुश करने के लिए विद्यालय प्रशासन ने नियमों के विरूद्ध जाकर तीसरे चरण में भी पूर्व के अभ्यर्थियों को शामिल किया। मंगलिया दईड़ा में भी ललित पाटीदार के विद्यार्थी मित्र होने पर भी स्थानीय लोगों को ही लिया गया।

पूर्व निर्णय यथावत

सुजाजी का गढ़ा. पंचायत सहायक भर्ती के दौरान सुजाजी का गढ़ा में पंचायत सहायक भर्ती के लिए मंगलवार को एसडीएमसी की बैठक तो हुई, लेकिन कोई भी निर्णय नहीं हुआ। पूर्व में जो चयन हुआ था, उसे ही यथावत रखा गया। इससे असमंजस की स्थिति बनी रही। खोडऩ में न्यायालय की रोक के चलते अभ्यर्थियों में निराशा रही। हालांकि यहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे, लेकिन विद्यालय बंद रहा। पीईईओ ने जयपुर प्रशिक्षण में होना बताया। यहां पुलिस की भी माकूल व्यवस्था रही।

अलग-अलग सुर

डडूका. अरथूना पंचायत समिति की मलाना गा्रम पंचायत में पंचायत सहायक चयन करने के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्टाफ व एसडीएसी की बैठक हुई। इसमें विद्यालय स्टाफ व एसडीएमसी सदस्य अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। इससे चयन प्रक्रिया में परेशानी हुई। समिति सदस्य स्थानीय व समीपवर्ती गांव के व्यक्ति के चयन पर अड़े रहे। वहीं सरपंच प्रकाश डाबी ने विद्यालय स्टाफ पर बाहर के लोगों को वरीयता देने का आरोप लगाया गया। दोपहर एक बजे तक दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई। विद्यालय प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर चयन प्रक्रिया के प्रपत्र पर समिति के मात्र एक सदस्य ने ही हस्ताक्षर किए। शेष ने प्रक्रिया का विरोध किया। पीईईओ हरीश ठाकुर का कहना था कि नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कर सूची अगे्रषित कर दी गई है।

डीईओ का अस्पष्ट जवाब

भर्ती प्रक्रिया और सूचियों के अनुमोदन के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक प्रेमजी पाटीदार का जवाब भी अस्पष्ट ही मिला।वे न तो विद्यार्थी मित्रों के चयन नहीं होने पर कुछ बोल पाए और न ही यह बता सके कि बीईईओ की ओर से चयनोपरांत लिफाफे जिला स्तरीय समिति को मिले या नहीं। उन्होंने सिर्फ यही कहा कि जो जिला परिषद के सीईओ कहेंगे, उनके निर्देशानुसार अग्रिम प्रक्रिया पूर्ण करेंगे। जिला स्तरीय समिति का चयनितों की जानकारी व दस्तावेज मंगलवार तक सौंपने थे। निर्धारित शिड्यूल के तहत तीन जनवरी को सीईओ प्रस्तावों का अनुमोदन कर अनुमोदित सूची डीईओ और पीईईओ के माध्यम से ग्राम सचिव को आदेश जारी करने के लिए उपलब्ध कराने हैं। चार जनवरी को ग्राम सचिव अपनी पंचायत में भर्ती को लेकर आदेश जारी करेंगे, लेकिन ऐसा होना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है।