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बांसवाड़ा : दशाहूमड़ दिगम्बर जैन समाज ने उठाया गरीब बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा, विधवा महिलाओं का बना सहारा

18 हजार दशाहूमड़ दिगम्बर जैन समाज आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की करता है मदद

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बांसवाड़ा : दशाहूमड़ दिगम्बर जैन समाज ने उठाया गरीब बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा, विधवा महिलाओं का बना सहारा

आशिष बाजपेई. बांसवाड़ा. शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक अड़चन आने पर समाजजन एकजुट होकर मदद करते हैं, ताकि प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले और उच्च शिक्षा ग्रहण कर भविष्य निखार सके। बांसवाड़ा-डूंगरपुर में 18 हजार दशाहूमड़ दिगम्बर जैन समाजजनों ने कुछ ऐसा ही बीड़ा उठाया हैं। दोनों जिलों के समाजजन आर्थिक कमजोर परिवार और उनके बच्चों की मदद करते हैं। इसमें न केवल शिक्षा, बल्कि विपत्ति के समय में भी मदद के लिए हाथ बढ़ा रहा है।

आवश्यकता पर दोबारा देते हैं मदद
समाज 25 हजार से एक लाख रुपए तक ऋण देने का प्रावधान एक वर्ष के लिए ही है। विद्यार्थी को अगले वर्ष पुन: राशि की आवश्यकता होती है तो दोबारा आवदेन पर समाज की ओर से राशि ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। इससे विद्यार्थी उच्च से उच्च शिक्षा आसानी से ग्रहण कर लेता है और आर्थिक तंगी उसके भविष्य संवारने के आड़े नहीं आती है।

सहयोग राशि नहीं लेते वापस
संरक्षक इंद्रमल जैन ने बताया कि परिवार के पालनहार की मौत हो जाने पर समाज सहयोग राशि देता है। पति के देहांत के बाद पत्नी और उसके बच्चों को दी जाने वाली राशि समाज वापस नहीं लेता है। उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों को दी जाने वाली राशि वापस लेते हैं। यह राशि विद्यार्थियों को बिना ब्याज दी जाती है। नौकरी लगने के बाद विद्यार्थी सहूलियत के हिसाब से समाज को वापस करता है।

127 विद्यार्थियों को मिला लाभ
सचिव खुशपाल शाह ने बताया कि समाज से अब तक 127 विद्यार्थी लाभ ले चुके हैं और उच्च शिक्षा ग्रहण करने की उनकी राह आसान हुई है। समाज की इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को काफी संबल मिला है। साथ ही अन्य सहयोग राशि के कारण जरूरतमंदों को भी लाभ मिलता है।

यूं एकत्रित की जाती है राशि
समाज अध्यक्ष ने बताया कि समाज के प्रत्येक परिवार से प्रति वर्ष 200 रुपए लिए जाते हैं। इस प्रकार पांच हजार परिवारों के द्वारा वर्ष तकरीबन 10 लाख रुपए एकत्रित होते हैं, जिससे जरूरतमंदों का सहयोग किया जाता है।

25 हजार से एक लाख तक की मदद
18 हजार दशाहूमड़ दिगम्बर जैन समाज ने यह कदम सामाजिक सुरक्षा की विशेष पहल के अन्तर्गत किया है। समाज अध्यक्ष दिनेश खोड़निया ने बताया कि जरूरतमंद परिवार की मदद करना एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को बिना ब्याज के ऋण देना जैसे ठोस कदम उठाए हैं। जरूरतमंद को आवश्यकतानुसार 25 हजार रुपए से एक लाख रुपए तक की राशि दी जाती है।

इन्हें दी जाती है सहयोग राशि
परिवार के पालनकर्ता की आकिस्मक मौत होने पर विधवा और उसक बच्चे को : 25 हजार से एक लाख रुपए तक
किसी प्राकृति आपदा, व्यापार स्थल पर चोरी होने सरीखी विपत्ति पर: 25 हजार से एक लाख रुपए तक
किसी व्यक्ति के अचानक बीमार होने पर: 25 हजार से एक लाख रुपए तक
उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए समाज के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी को : 25 हजार से एक लाख रुपए तक