
बांसवाड़ा : बच्चों को परोस रहे पानी जैसी दाल, शिक्षकों की छुट्टियों में हो रहा गोलमाल
सरकारी स्कूलों के निरीक्षण में दिखी अव्यवस्थाएं
बांसवाड़ा. गांगड़तलाई. जिलेभर में इन दिनों अलग-अलग विभागों के अधिकारी सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करते नजर आते हैं। लेकिन स्कूलों में व्यवस्थाओं में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा। शुक्रवार को पत्रिका ने विभिन्न स्कूलों में व्यवस्थाएं देखी तो अनियमितताओं का आलम नजर आया। प्राथमिक स्कूल खरोड़ी में सुबह साढ़े दस बजे मात्र एक शिक्षिका प्रेमीला मौजूद थी। वहीं दूसरे शिक्षक जीतमल के बारे में जानकारी चाही तो उपस्थिति रजिस्टर में उक्त शिक्षक की सीएल लगाने लगी। स्कूल में छात्राएं खुद ही चावल बीनती नजर आई। बाद में शिक्षिका ने ईशारा किया तो बालिकाएं कक्षाओं में चली गई। चावल में कीड़े पड़े नजर आए।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सागन में सुबह 11 बजे 146 बच्चों में से केवल 12 बच्चे ही मौजूद मिले। पांच में से केवल दो शिक्षक मौजूद थे। प्रधानाध्यापक रूपहेंग पाटीदार के बारे में पूछने पर बताया कि वह छुट्रटी पर है। रजिस्टर में उनके अप्रेल तक हस्ताक्षर मिले। बाकी सभी कॉलम खाली थे। रजिस्टर में रखा प्रार्थना पत्र भी 3 अप्रेल का व इसमें दो दिन की छुट्टी अंकित थी। वहीं प्राथमिक विद्यालय निचला फला तरकीया में 11.10 बजे दो शिक्षिकाएं एवं 56रोल में केवल 12ही बच्चे मौजूद थे। पोषाहार में पानी जैसी दाल परोसी गई।
शिक्षक बोले पोषाहार पका, बच्चों ने नकारा
वहीं लंकाई वार्ड 11 स्थित प्राथमिक विद्यालय में 11.45 बजे तक एक शिक्षक मौजूद था। दूसरा शिक्षक छुट्टी पर होना बताया। पार्थना पत्र नहीं मिला। पोषाहार में चावल पकना बताया। जबकि बच्चों ने पोषाहार नहीं पकने की जानकारी दी। इधर रसोईघर पर ताला लटका नजर आया। ताला खोलने को कहा तो बताया कि चाबी पोषाहार पकाने वाला ले गया। इस संबंध में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अशोक सैनी ने बताया कि हालात ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
Published on:
07 Apr 2018 02:23 pm
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