
बांसवाड़ा। जिले के खमेरा क्षेत्र में पुलिस द्वारा बुजुर्ग को पीटे जाने का मामला सामने आया है। थाने के कांस्टेबल ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्रौढ़ को घर से उठा लिया और दूसरे गांव ले जाकर जूतों से पीटा। रात ग्यारह बजे से डेढ़ बजे के बीच हुई इस वारदात के दौरान परिजन थाने पहुंचे तो पुलिस ने वृद्ध को जख्मी हालत में ही सौंप दिया।
दूसरी दिन मामला तूल पकडऩे पर वृद्ध से रिपोर्ट ली गई। शिकायत के बाद एसपी ने कांस्टेबल को हटाकर लाइन में भेज दिया। नवजी को धमकी देने वाली बात कि रिकार्डिंग नवजी के मोबाइल में सेव हो गई। सुबह मामला सांसद मानशंकर निनामा तक पहुंचाया गया, तो उन्होंने थानाधिकारी से बात की। तब सही रिपोर्ट ली गई।
मारपीट कर बुरी हालत कर दी
अस्पताल में नवजी ने बताया कि लड़की भगाने की हरकत गांव के किसी लड़के ने की। इस मामले की न मुझे कोई जानकारी है, न मैं भांजगड़े (समझौता) में कहीं शामिल हुआ। कांस्टेबल रामलाल को कई बार यह बात कही, लेकिन वह नहीं माना और उठा ले जाकर मारपीट कर हालत खराब कर दी। उसके साथी नहीं टोकते, तो वह कुछ भी कर देता।
यों हुआ घटनाक्रम
झारका गांव में पिछले दिनों एक युवक करगचिया गांव से किसी लड़की को भगा ले आया था। इसे लेकर दोनों पक्षों में समझौता चल रहा था। इसमें कथित अवरोध डालने पर एक पक्ष गांव के ५२ वर्षीय नवजी से खफा था। उसे मामले से दूर रखने के लिए थाने के कांस्टेबल रामलाल की मदद ली गई।
रामलाल ने सोमवार को नवजी के घर पर पहुंचकर परिजनों को धमकाया, फिर रात करीब ग्यारह बजे दो और लोगों के साथ नवजी को घर से उठाया और मारपीट करते हुए बाणेशिया गांव में एक मकान पर ले गए। आरोप है कि वहां उसे जूतों से बुरी तरह पीटने के बाद रामलाल ने नहर में फेंकने की बात कही। साथियों के दखल के बाद कांस्टेबल ने नवजी को निर्वस्त्र कर फिर मारा और बदसलूकी की भी कोशिश की।
मामले की जांच करवा रहे है
विभाग में बदमाशी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं है। खमेरा थाने के कांस्टेबल रामलाल को शिकायत के बाद तत्काल प्रभाव से हटाकर लाइन में भेज दिया गया है। मामले में विभागीय जांच करवा रहे हैं। नतीजा मिलने पर आगे की कार्रवाई करेंगे।
कालूराम रावत, पुलिस अधीक्षक बांसवाड़ा
Updated on:
7 Nov 2018, 9:48 AM IST
Published on:
7 Nov 2018, 9:47 AM IST
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