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अचानक भरभराकर ढह गया सरकारी स्कूल का बरामदा, 37 विद्यार्थियों के सिर से आफत टली, बाल-बाल बची शिक्षिका

school veranda collapsed : आहियापाड़ा स्थित स्कूल का बरामदा गिरा, बड़ा हादसा टला
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बांसवाड़ा

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Shiv Kumar Jangid

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Updated: 16 Aug 2019, 5:01 PM IST

banswara

अचानक भरभराकर ढह गया सरकारी स्कूल का बरामदा, 37 विद्यार्थियों के सिर से आफत टली, बाल-बाल बची शिक्षिका

जौलाना/बांसवाड़ा. जौलाना के टामटीया राठौड़ पंचायत के आहियापाड़ा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय भवन का बरामदा विद्यालय समय में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे भर भराकर ढह गया। गनिमत रही कि उस दौरान वहां कोई विद्यार्थी मौजूद नहीं था इससे बड़ा हादसा टल गया। बरामदा गिरने से हुए तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास खेतों में कार्य कर रहे ग्रामीण व अभिभावक तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने जर्जर विद्यालय भवन को लेकर स्कूल प्रशासन के समक्ष आक्रोश व्यक्त किया। यह भवन 1994 में बना है। जहां वर्तमान में 37 विद्यार्थियों का नामांकन है। भवन के प्रत्येक कक्षा-कक्ष की छत से बारिश का पानी टपकता है। बरामदे का एक भाग व छत क्षतिग्रस्त अवस्था होने पर स्कूल प्रशासन ने कई बार विभागीय अधिकारियों को लिखित में अवगत कराया था फिर भी कोई सुध नहीं ली।

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शिक्षिका बाल-बाल बची
शिक्षिका बसंती देवी डामोर ने बताया कि घटना के दो मिनट पहले तक वह बरामदे में थी। वहां निकलकर जैसे ही कक्षा कक्ष में पहुंची ही थी कि बरामदा तेज धमाके के साथ नीचे आ गिरा। एकाएक हुए घटनाक्रम से बच्चे डर गए और शिक्षिका भी सहम गई। घटना के बाद विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी गई। किसी को कोई चोट नहीं आई है। शिक्षिका ने बताया कि एक दिन पूर्व रक्षा बंधन होने से विद्यार्थियों की उपस्थिति आधे से भी कम थी। ऐसे में बच्चों को स्कूल कार्यालय के पास के कक्ष में बिठाया था। सामान्य दिनों में जिस भवन का बरामदा गिरा उसी भवन में बच्चों को बिठाया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद भी गांव के बच्चे शाम को यहीं पर खेलते रहते है। लंच समय में भी बच्चे यहीं खेलते है।

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