1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व का आगाज, पहले दिन उत्साह से मनाया उत्तम क्षमा दिवस

- Jain Samaj, Paryushan Parv In Banswara - दसलक्षण पर्व शुरू होने से जैन समाजजनों में उत्साह- धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रहेगा दौर

less than 1 minute read
Google source verification
दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व का आगाज, पहले दिन उत्साह से मनाया उत्तम क्षमा दिवस

दिगम्बर जैन समाज के पर्युषण पर्व का आगाज, पहले दिन उत्साह से मनाया उत्तम क्षमा दिवस

बांसवाड़ा. दिगम्बर जैन समाज की ओर से पर्वराज पर्युषण पर्व का महोत्सव मंगलवार से आरंभ हुआ। दसलक्षण पर्व के आरंभ होने को लेकर जैन समाजजनों में अपूर्व उत्साह है। बाहुबली कॉलोनी में मुनि प्रतीकसागर के सान्निध्य में पर्युषण पर्व का पहला दिन उत्तम क्षमा दिवस से प्रारंभ हुआ। महेंद्र जैन ने बताया कि प्रात: 6 बजे से ही भक्तगणों ने भगवान जितेन्द्र का महाभिषेक कर महोत्सव का प्रारम्भ किया। सुर लहरियों में भगवान जिनेन्द्र सहित देव, शास्त्र, गुरु, पंचमेरू, दशलक्षण पूजन विधान हुए। 9.30 बजे मुनि की अमृत संस्कार प्रवचनमाला का शुभारंभ हुआ। शाम 5 बजे से महाश्रवक प्रतिक्रमण महोत्सव होगा। इसमें महिलाएं केसरिया व पुरुष श्वेत परिधानों में सम्मिलित होंगे। रात्रि में आरती व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इधर, सोमवार को धर्मसभा में मुनि ने जीवन को सरस बनाने का आह्नान करते हुए कहा कि जैन धर्म सरस है। आत्म शुद्धि के लिए शरीर की शुद्धि होना जरूरी है। दुनिया का सबसे बड़ा तप इच्छाओं को रोकना है।

जानिएं बांसवाड़ा जिले में पहाड़ी पर विराजमान कोडिया गणपति की महिमा, यहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते है मंशापूर्ण विनायक

संवत्सरी पर क्षमा याचना
जैन श्वेताम्बर समाज के पर्यूषण महापर्व सोमवार को संवत्सरी पर क्षमा याचना पर्व के साथ संपन्न हुए। संवत्सरी के तहत सोमवार सुबह से ही जिनालयों में धर्मपे्रमियों के पहुंचने का क्रम प्रारंभ हो गया। भगवान का दुग्धाभिषेक, फूल पूजा, केसर पूजा तथा स्नात्र पूजा आदि अनुष्ठान हुए। श्रीमद् राजेंद्र सूरिश्वर जैन दादाबाड़ी में मोहनखेड़ा से आए विधिकारक कमल भाई और अनिल भाई ने धार्मिक क्रियाएं पूर्ण कराई। सुबह सेवा, पूजा, प्रक्षाल, आरती के बाद कल्पसूत्र के वाचन को पूर्ण किया गया। शाम को सामूहिक प्रतिक्रमण कराया गया। इसके बाद समाजजनों ने एक-दूसरे से क्षमा मांगी। मंदिर समिति के चंदूमल जैन ने बताया कि मंगलवार सुबह दस बजे दादाबाड़ी से भगवान की शोभायात्रा निकाली गई।