
प्रेम सागर’ के फिरेंगे दिन
विवेक जोशी. बांसवाड़ा. बड़ोदिया. ‘पे्रम सागर’ तालाब। जैसा नाम वैसा स्वरूप नहीं। गंदगी, कीचड़ और दुर्गंध। यह जलस्त्रोत लम्बे समय से उपेक्षा का शिकार होने से ग्राम वासियों को भी ‘दर्द ’दे रहा है। लेकिन अब इसके दिन फिरेंगे। प्रदेश की मुख्यमंत्री तक इसकी बदहाली की कहनी जो पहुंच चुकी है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए तो वह दौड़ पड़े और तालाब का मुआयना तक हो गया।
अब अधिकारी इसके सौन्दर्यीकरण के प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भिजवाने की बात कह रहे हैं। इससे विकास की उम्मीद बंधी है। तालाब में गंदगी, ओवर फ्लो, दुर्गंध व बीमारियों की आशंका को लेकर ग्रामीणों ने हाल ही में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा था। इस पर सीएम के आदेश पर माही विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता राजेश टेपन और अधिक्षक अभियंता जितेन्द्र वर्मा ने तालाब का दौरा किया। अधिकारियों ने मुआयना के बाद स्वीकृति लेकर आवश्यक कार्य करवाए जाने की बात कही।
ग्रामीणों ने बताया था दर्द
ग्रामीणों के अनुसार बड़ोदिया कस्बे में ८ हजार से अधिक आबादी है पर यहा बस स्टेण्ड के अभाव में यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। तालाब के उत्तरी भाग में बस स्टेण्ड का निर्माण किया जाए और ओवरफ्लो होने वाले पानी के लिए पक्के नाले का निर्माण किया जाए। पंचयात समिति सदस्य चन्द्रकांत खोडणिया, भंवरलाल पानेरी, मोगजी भाई पटेल, रमणलाल पाठक, रमेश डोडीयार, लालसिंह सोलंकी, जयन्तीलाल भट्ट, पुष्पेन्द्र सोलंकी, मांगजी भाई, नितेश कलाल सहित कई ग्रामीणों ने जिले के दौरे पर आई मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को समस्या से अवगत कराया था।
पत्रिका के प्रयास जारी
प्रेम सागर तो एक उदाहरण मात्र है। जिले में ग्रामीण अंचल में कई एेसे तालाब हैं, जिनका सौन्दर्यीकरण किया जा सकता है। राजस्थान पत्रिका की ओर से अमृतं जलम् के माध्यम से तालाबों की साफ- सफाई अभियान के रूप में की जा रही है।
Published on:
31 May 2018 01:14 pm
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