
Rajasthan News : मान्यता-संबद्धता की अड़चनों के बावजूद प्रवेश देने के बाद विश्वविद्यालयी परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों को अब दूसरे कॉलेज के सहारे बैकडोर एंट्री का खेल नहीं चलेगा। इसकी भनक पर जीजीटीयू ने अपने क्षेत्राधिकार के बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के सभी कॉलेजों को प्रवेश नीति की पालना हर हाल में करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे अब चतुराई दिखाने पर परीक्षा आवेदन भरने-भरवाने वाले कॉलेज के साथ विद्यार्थी भी संकट उलझन के आसार हैं।
गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की ओर से तीनों जिलों के सरकारी-गैरसरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों को जारी पत्र में आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा द्वारा जारी प्रवेश नीति 2024-25 के अनुसार ही प्रवेश, ट्रांसफर पर प्रवेश और गैप के बाद एडमिशन आदि की पालना सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही बताया कि विश्वविद्यालय के संज्ञान में ऐसे प्रकरण आ रहे हैं, जिसमें विभिन्न कारणों से विद्यार्थियों के पूर्व प्रवेशित महाविद्यालय दूसरे महाविद्यालयों में नियमित एडमिशन करा रहे हैं। इसे पूरी तरह नियम विरूद्ध बताते हुए हिदायत दी गई है कि किसी भी स्थिति में परीक्षा प्रारभ होने से ठीक पूर्व किसी भी तरह के महाविद्यालय परिवर्तन की चेष्टा नहीं की जाए। साथ ही स्पष्ट किया कि विद्यार्थी के प्रवेश, स्थानांतरण आधार पर प्रवेश, पाठ्यक्रम अवधि में अंतराल आदि को लेकर प्रवेश नीति में सभी बिंदु स्पष्टत: उल्लेखित हैं। प्रवेश नीति के निर्धारित नियमानुसार ही कार्रवाई होनी चाहिए।
महाविद्यालयों में एडमिशन, ट्रांसफर पर एडमिशन, गैप के बाद एडमिशन आदि के नियम आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा द्वारा निर्धारित हैं। उनका अक्षरश: पालना महाविद्यालयों को करना ही होगा।
डॉ. मनोज पंड्या, परीक्षा प्रभारी जीजीटीयू
तीनों जिलों के अधिकांश संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन हो चुके हैं। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने प्रवेश तिथि बढ़ाईए तब भी अब 9 दिसंबर तक ही लेट फीस के साथ जीजीटीयू के परीक्षा आवेदन संभव है। सूत्र बताते हैं कि इनसे अधिकतम पचास-साठ आवेदन और हो पाने की संभावना है। इससे ज्यादा बल्क में जिस कॉलेज से आवेदन किए गएए वे संदेह के दायरे में आएंगे हीए कॉलेज बदलने पर विद्यार्थियों की शिकायत मिलने पर भी जीजीटीयू कार्रवाई करेगा।
Updated on:
07 Dec 2024 01:34 pm
Published on:
07 Dec 2024 01:34 pm
