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Panther Attack: उदयपुर के बाद अब बांसवाड़ा में पैंथर का आतंक, आधी रात किया शिकार

Panther Attack: सूचना मिलने पर वनपाल मणिलाल भी मौके पर पहुंचे। बकरियों के गले पर दांत और नाखून के निशान को देख पैंथर के हमले की पुष्टि की।

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Panther Attack

Panther Attack in Banswara: बांसवाड़ा के घाटोल वन रेंज के जगमेर जोगीमाल वनखण्ड के चड़ला गांव में रात को रूपलाल कटारा के बाड़े में बंधी 8 बकरियों का पैंथर ने शिकार किया। बाड़े की कुछ दूरी पर कटारा का मकान होने से उसे भनक तक नहीं लगी। सुबह जब वह बाड़े में पहुंचा तो उसकी 8 बकरियां मृत मिली।

मौके पर खून और पैंथर के पग मार्क मिले। इसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। सूचना पर वनपाल मणिलाल भी मौके पर पहुंचे। बकरियों के गले पर दांत और नाखून के निशान को देख पैंथर के हमले की पुष्टि की। लोगों में पैंथर के हमले को लेकर चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।

आदमखोर पैंथर को पकड़ने अब स्पेशल ऑपरेशन

वहीं दूसरी तरफ उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में सात जनों को शिकार बना चुके आदमखोर पैंथर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने शुक्रवार से स्पेशल ऑपरेशन शुरू किया है। इसके लिए जयपुर मुख्यालय के निर्देश पर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम (इआरटी) गोगुंदा पहुंच गई है। पहली टीम 4 से 6 अक्टूबर तक गोगुंदा में रहेगी। इसे सीसीएफ वाइल्ड लाइफ जयपुर टी. मोहन राज लीड कर रहे हैं। इनके साथ सरिस्का के फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व के डीसीएफ संजीव शर्मा टीम में शामिल हैं। उधर, गुरुवार रात को हुए घटनाक्रम के बाद ऑपरेशन का नियंत्रण उपवन संरक्षक अजय चित्तौड़ा की जगह मुकेश सैनी को सौंपा गया है।

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