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बांसवाड़ा : महिलाओं के शराबबंदी अभियान को छात्र संगठन का समर्थन, आंदोलन की दी चेतावनी

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बांसवाड़ा : महिलाओं के शराबबंदी अभियान को छात्र संगठन का समर्थन, आंदोलन की दी चेतावनी

बांसवाड़ा. परतापुर. अखिल राजस्थान अनुसूचित जाति/जनजाति छात्र संघ जिला बांसवाड़ा ने जिले में महिलाओं की ओर से चलाएं जा रहे शराब बंदी अभियान को समर्थन दिया है। जिसके तहत सोमवार को छात्र संघ संभागीय महासचिव संजय खांट के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने आंमजा, तलवाड़ा, जौलाना, मलाना, डडूका, ओडवाड़ा, अरथूना, बोरी आदि गांवों का दौरा कर अवैध शराब के ठिकानों को बंद कराने में महिलाओं को सहयोग देने का भरोसा दिलाया। साथ ही महिलाओं के सहयोग के लिए प्रत्येक पंचायत स्तर पर छात्र संघ के बीस-बीस कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई। इधर, जिले में संचालित अवैध शराब के अड्ढों के विरोध में छात्र नेताओं ने सोमवार शाम गढ़ी तहसील कार्यालय के सामने टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही समस्या समाधान नहीं होने पर आन्दोलन की चेतावनी भी दी। इस मौके पर गणेश डामोर, हरेन्द्र भतार, मुन्ना खांट, दिलीप मसार, परेश डिंडोर, बंटालाल खांट, राजू डोडियार, शिवशंकर, सुभाष कटारा आदि उपस्थित थे।

मतदान की शपथ दिलाई
कुशलगढ़. मामा बालेश्वर दयाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्यार्थियों को मतदान जागरूकता की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने लोकतांत्रिक परम्पराओं का निर्वहन करने, स्वतन्त्र व निष्पक्ष मताधिकार का प्रयोग करने को कहा। प्राचार्य डॉ. लक्ष्मणलाल परमार, डॉ. फिरोज अख्तर, डॉ. कल्याणमल सिंघाड़ा, महेन्द्र कुमार, ज्योति, छात्रसंघ अध्यक्ष मनोहरलाल डामोर, भेमजी खराड़ी, भरत गरासीया, दिलीप निगम, मंयक बैरागी, प्रकाश कटारा, गिरीश कुमार आदि मौजूद थे।
कुशलगढ़. महिला कांग्रेस सेवादल जिला संगठक गायत्री खांट ने प्रदेश महिला मुख्य संगठक कल्पना भटनागर की अनुसंशा पर सुशीला डामोर को सेवादल की नगर महिला मुख्य संगठक मनोनीत किया है।

जैविक खेती की बताई उपयोगिता
सज्ज्नगढ़. जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सूयष ट्रस्ट पुणे के तत्वावधान में बाला साहेब घोघरे, नासिर शेख, रहुफ शेख, भरत कुमावत ने रसायनिक मुक्त खेती के बारे में जानकारी दी। उपस्थित किसानों से कहा कि रसायनिक खेती से कृषि भूमि में उपजाऊता एवं उवरर्कता समाप्त होती जा रही है। जिस कारण खेत में उगने वाली फसलें, सब्जियां दूषित होने लगी है। ये कई बीमारीयों का कारण भी है। हमें रसायनिक खेती को छोडकऱ जैविक खेती को अपनाना होगा, जिससे भूमि दूषित नहीं होगी। साथ ही बताया कि प्रत्येक गांव में 20-20 किसानों का समूह बनाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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