
बांसवाड़ा : वैक्सीन लगवाने के लिए समझाइश करने पहुंचे तहसीलदार को ग्रामीणों ने दिखाए लठ और पत्थर
बांसवाड़ा/गनोड़ा. वैक्सीन से मौत की अफवाह के चलते घाटोल उपखंड के कुछ गांवों में कोरोना से बचाव अभियान दल के सामने बड़े-बुजुर्ग लठ-पत्थर लेकर बवाल कर रहे हैं। शनिवार को मालनिया गांव में टीम के साथ पहुंचे गनोड़ा तहसीलदार परिचय देकर समझाइश के लिए बढ़े तो ग्रामीणों ने जबरन टीका लगाने की कोशिश पर लठ दिखाकर धमकाया। यहां हालात यह रहे कि टीम पहुंचने पर 50 से ज्यादा घरों के लोग ताले लगाकर चलते बने। समझाइश के लिए गनोड़ा तहसीलदार राजकुमार सारेल खेतों में पहुंचे, तो किसान हल-बैल छोडकऱ नदी की तरफ भाग खड़े हुए। इस बीच, दूर से पत्थर फेंककर भगाने के प्रयास पर टीम भी सकते में आ गई।
पहले से समझाइश भी नहीं आई काम
टीम के सदस्यों ने बताया कि अमरसिंह का गढ़ा पंचायत के मलानिया में अफवाह के मद्देनजर पिछले दिनों समझाइश के लगातार प्रयास किए गए। यहां एएनएम ने बैठक ली। फिर शुक्रवार को ही पंचायत शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र जैन ने सरपंच प्रेमशंकर भगोरा की मौजूदगी में लोगों को मनाने के प्रयास किए। इसके बाद भी लोग अड़े रहे तो एएनएम ने उपखंड अधिकारी को स्थिति से अवगत करवाया। तब खुद गनोड़ा तहसीलदार राजकुमार सारेल वैक्सीन और दस जनों की टीम के साथ पहुंचे। जैसे ही गाड़ी गांव में पहुंची, लोगों ने घरों पर ताले लगाने शुरू कर दिए और नदी की तरफ चलते बने। तहसीलदार के साथ टीम 50 से अधिक घरों तक गई, लेकिन कुछ घरों के आंगन में बच्चे ही मिले। इस बीच, टीम राजू पत्नी कालू के घर पहुुची, जहां दंपती मिल भी गया। फिर टीके का नाम लेते ही राजू आग बबूला हो उठी। उसने तहसीलदार को यहां तक कह दिया कि अब जा रहे हो या जान से जाओगे। बस नहीं लगवाना बोल दिया। तहसीलदार ने स्वयं टीका लगवाना बताया, तो उसने पलटकर कहा कि आप ही लगवा लो।
Updated on:
20 Jun 2021 07:31 pm
Published on:
20 Jun 2021 07:31 pm
