2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए बाराबंकी में हुआ महायज्ञ, दूर-दूर से पहुंचे ब्राह्मण-संत और महात्मा

बाराबंकी के कैलाश आश्रम और नागेश्वरनाथ मंदिर में इन दिनों माहामारी घोषित हो चुके कोरोना से बचाव के लिए यज्ञ, कलश यात्रा और सुंदर कांड का सहारा लिया गया...

2 min read
Google source verification
कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए बाराबंकी में हुआ महायज्ञ, दूर-दूर से पहुंचे ब्राह्मण, संत और महात्मा

कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए बाराबंकी में हुआ महायज्ञ, दूर-दूर से पहुंचे ब्राह्मण, संत और महात्मा

बाराबंकी. पूरे देश के लोगों में कोरोना का डर इस कदर घर कर गया है कि वह इससे बचने के लिए तमाम नए-नए तरीके इजात कर रहे हैं। कोई कोरोना से बचाव के घरेलू उपाय बता रहा है तो कोई इससे बचने के लिए यज्ञ हवन और कलश यात्रा का सहारा ले रहा है। यूपी के बाराबंकी जिले के मंदिरों में भी बीते दिनों जनता कर्फ्यू के पहले कोरोना वायरस से मुक्ति को लेकर यज्ञ हवन किया गया। इस यज्ञ को कई लोगों के द्वारा नौ दिनों तक आयोजित किया जाएगा। इनका मानना था कि मंत्र उच्चारण के साथ किये गये इस यज्ञ में कोरोना वायरस जलकर हो जाएगा। उनका कहना था कि ऐसे यज्ञ से कोरोना का समूल नाश हो जाएगा और जिस इलाके में ऐसे हवन यज्ञ होगा, वहां दूर दूर तक कोरोना का प्रकोप नहीं पड़ेगा।

बाराबंकी के कैलाश आश्रम और नागेश्वरनाथ मंदिर में इन दिनों माहामारी घोषित हो चुके कोरोना से बचाव के लिए यज्ञ, कलश यात्रा और सुंदर कांड का सहारा लिया गया। लोगों का मानना था कि नो दिनों तक चलने वाले इस लक्ष्मी नारायण महायज्ञ से कोरोना वायरस से मुक्ति मिलेगी और सारे वायरस जलकर राख हो जाएंगे। इस यक्ष में दूर-दूर से ब्राह्मण आये हैं। इन सभी लोगों का मानना है कि इस समय देश में कोरोना वायरस ने दस्तक दे रखी है। इसलिए वातावरण को शुद्ध करने और वायरस मुक्त करने के उद्देश्य से मंदिर में यज्ञ किया गया। यज्ञ में अगर, तगड़, नागर, मोथा, जावित्री, काली मिर्च, कपूर, देसी घी, अष्टगंध और अन्य जड़ी बूटियां की हवन सामग्री से आहुतियां दी जाती हैं। जिससे यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है। इसके अलावा कोरोना से बचाव की मनोकामना लकर शहर की महिलाएं कलश यात्रा भी निकाल गईं।

कलश यात्रा निकालने वाली महिलाओं ने बताया कि हमने नौ दिनों का अनुष्ठान किया। इसके बाद यज्ञ किया। जिससे हमारे जिले में कोरोना वायरस कोई असर न कर सके। वहीं यज्ञ करने वाले ब्राहमण का कहना था कि हम लोग यज्ञ के माध्यम प्रार्थना कर रहे हैं कि यह वायरस हम लोगों को प्रभावित न करे। वहीं आयोजक कुलदीप का कहना था कि नौ दिनों तक चलने वाले इस यज्ञ में दूर-दूर से ब्राह्मण, संत और महात्मा आए हैं। लोगों में कोरोना का बहुत डर है। लेकिन हम लोग नौ दिन तक चलने वाले इस लक्ष्मी-नारायण महायज्ञ से कोरोना को भगा देंगे।

यह भी पढ़ें: जब अपनों का मिले प्यार तो बुजुर्ग न लांघें घर के द्वार, कोरोना से बचाने के लिए रखें उनका खास ख्याल