बाराबंकी. जिले में बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए शुरू की गई एम्बुलेंस 108 सेवा लोगों को धोखा दे रही है। जिसके चलते दो बेटों ने अपने बीमार पिता को पांच किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ठेले पर धकेल कर ले जाना पड़ा। वहां डॉक्टर भी नदारद मिले और बिना इलाज के घर वापस होना पड़ा। मामले में मुख्यचिकत्सा अधिकारी ने जांच की और सीएचसी प्रभारी को फटकार लगाकर स्पष्टीकरण मांगा है।
ये मामला बाराबंकी के निंदुरा ब्लाक के घुंघटेर सीएचसी का है, यहां के दो सगे भाई बाबू और बच्चे लाल अपने पिता पूरन लाल को एम्बुलेंस न मिलने पर ठेलिया पर लादकर अस्पताल लाये। इनके पिता पूरन लाल का 2008 में आंख के ऑपरेशन हुआ था जिसकी समस्या बढ़ने से बेटों ने अस्पताल ले जाने के लिए 108 एम्बुलेंस निःशुल्क सेवा को फोन किया। दो बार फोन करने पर एम्बुलेंस सेवा देने से इनकार कर दिया। इसके बाद बेटों ने अपने पिता को ठेले पर बैठा कर पांच किलोमीटर दूर सीएचसी घुंघटेर लाये।
मामले में सीएमओ रमेशचंद्रा से बात की गई तो सीएचीसी प्रभारी को बुला कर फटकार लगाई और गैर जिम्मेदराना बयान देते हुए कहा कि 108 सेवा प्राइवेट संस्था चलती है मामला संज्ञान में आया है और जांच की जायेगी।